5 जुलाई को रिलीज होने वाली फिल्म 'लुटेरा' अपने गेटअप और कलाकारों की पोशाक से कहानी में एक रहस्य दिखा रही है। पचास के दशक की यह कहानी एक लड़की के पिता और पति में से एक को चुनने की कशमकश को लेकर है।
फिल्म 'लुटेरा' लंबे समय के बाद जमींदारों की याद ताजा करेगी। इस फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा एक जमींदार की बेटी के रूप में दिखेंगी। वह एक ऐसे लड़के के प्यार में पड़ जाती हैं जिसे उनके पिता के बिजनेस के सारे रहस्य पता हैं।
फिल्म के पहले हॉफ की कहानी रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा के मिलने और दूसरे हाफ की कहानी रणवीर सिंह और सोनाक्षी के पिता के बीच टकराव की कहानी कहता है।
सोनाक्षी यानी पाखी के लिए चुनौती यह है कि एक तरफ तो पिता का प्यार है और दूसरी तरफ उसका खुद की मोहब्बत।
सोनाक्षी का कहना है कि जब उन्होंने यह फिल्म साइन की थी तब सभी उनके निर्णय पर सवाल खड़े कर रहे थे।
इस भूमिका के लिए सोनाक्षी का लुक पचास के दशक की हीरोइनों जैसा ही रखा गया है। प्रोमो में साफ दिखता है कि पाखी के किरदार में सोनाक्षी पुरानी टाइप की हीरोइनों जैसी ही छुई मुई लग रही हैं, यही उनकी भूमिका की सफलता भी है।
उन्हें जब निर्देशक विक्रमादित्य मोटवाने ने कहानी सुनाई थी, तभी वे पाखी की भूमिका पर मुग्ध हो गई थीं। बकौल सोनाक्षी, नेरेशन के मौके पर ही उन्हें अपने किरदार से प्यार हो गया था।
सोनाक्षी का यह भी कहना है कि अगर विक्रमादित्य ने उनके किरदार के लिए रिसर्च नहीं की होती तो शायद ही वे इतने आत्मविश्वास के साथ फिल्म में काम कर पातीं। उनके लिए पाखी का किरदार एक चैलेंज था, जिसे उन्होंने बिना किसी झिझक के स्वीकार किया।