सितंबर के महीने में जब पीके फिल्म का पहला पोस्टर आया था तभी जितनी चर्चा आमिर के न्यूड होने की हुई थी उतनी ही चर्चा रेडियो की भी हुई थी। आमिर का यह रेडियो बाद के पोस्टरों में तो नहीं दिखा लेकिन किसी न किसी रूप से यह दिखता रहा। पीके के इस पोस्टर का मजाक बनाने वाले जो भी पोस्टर सोशल मीडिया में आए उनमें भी यह रेडियो छाया रहा, आखिर रेडियो की कहानी है क्या?
फिल्म के पहले ही सीन में जब आमिर खान एक इलियन बनकर राजस्थान की धरती पर उतरते हैं तो वहीं पास से एक ट्रेन गुजर रही होती है। ट्रेन की पटरियों के बगल में चल रहे एक व्यक्ति के गले में रेडियो लटका होता है। रेडियो पर गाना बज रहा होता है "तुम तो ठहरे परदेसी साथ क्या निभाओगे"।
आमिर के गले में एक चमकता हुआ बड़ा सा यंत्र दिखता है। वह व्यक्ति उसे आमिर से छीनकर भाग रहा होता है लेकिन भागने में उसके हाथ से यह रेडियो छूटकर आमिर के हाथ आ जाता है। कपडे़ न मिलने के पहले आमिर इसी रेडियो से ही अपने नंगेपन को ढकते हैं।
बाद में भी इस्तेमाल
इस रेडियो और इसमें बजने वाले गानों का भी फिल्म में इस्तेमाल होता है। आमिर एक सीन में जब एक शराब की बोतल लेकर मसजिद जा रहे होते हैं तो उनके रेडियो में गालिब की एक गजल बजती है, "पीने दे शराब मुझे मस्जिद में बैठ कर या फिर कोई ऐसी जगह बता, जहाँ खुदा न हो"।
फिल्म के एक सीन में जहां ट्रेन में बम विस्फोट होता है वहां पर भी धमाके के बाद छाए सन्नाटे में आमिर के इस रेडियो से गाना बज रहे होते हैं। इन बच रहे गानों के गहरे अर्थ होते हैं। यह रेडियो आमिर के पास फिल्म के लगभग हर दृश्य में है। निर्देशक ने इसका इस्तेमाल अच्छी तरह से किया है।
ले जाते हैं अपने साथ
आमिर खान फिल्म के आखिरी में जब अपने गृह पर लौटने की तैयारी कर रहे होते हैं तब वो अपने साथ लोहे के दो बक्से लेकर जाते हैं। इन बक्सों में रेडियों में पड़े वाली बैटरियां होती हैं। साथ में ही कुछ कैसेट भी। उन कैसटों में वह बातचीत होती है जिसे आमिर अनुष्का के साथ पिछले दिनों में कर रहे होते हैँ।
मजे की बात यह है कि चोर बाजार से कुछ सौ रूपए की कीमत से खरीदे गए इस रेडियो की नीलामी 1.5 करोड़ में हुई है। फिल्म में रेडियो की भूमिका संजय दत्त या सुशांत सिंह राजपूत से भी ज्यादा है।