सुनयना काचरू की कविता पढ़ भावुक हुए एक्टर
हर साल 19 जनवरी को कश्मीरी हिंदुओं का पलायन दिवस मनाया जाता है। आज रविवार 19 जनवरी को अनुपम खेर ने उस घटना को याद करते हुए एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें उन्होंने कविता के माध्यम से विस्थापितों का दर्द बयां किया है, जिसे सुनाते हुए उनकी आंखें भर आईं। अनुपम खेर ने कवि और फिल्म लेखक सुनयना काचरू की एक कविता सुनाई है। सुनयना भी विस्थापन की पीड़ित रहीं और उस दर्दनाक मंजर को याद कर दिल छू लेने वाली कविता लिखी, जिसे अनुपम खेर ने पोस्ट में सुनाया है।
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बोले- वे घर आज भी वहीं हैं
इसके साथ अनुपम खेर ने लिखा है, '19 जनवरी, 1990! कश्मीरी हिंदुओं का पलायन दिवस! 35 साल हो गए हैं, जब 500000 से ज्यादा हिंदुओं को उनके घरों से बेरहमी से निकाल दिया गया था। वे घर अभी भी वहीं हैं, लेकिन उन्हें भुला दिया गया है। वे खंडहर हैं। इस त्रासदी की शिकार सुनयना काचरू भिडे ने उन घरों की यादों के बारे में दिल छूने वाली एक कविता लिखी। कविता की ये पंक्तियां उन सभी कश्मीरी पंडितों को वह मंजर याद दिला देंगी, जो इस भीषण त्रासदी के शिकार हुए थे! यह दुखद और सत्य दोनों है'!
'इमरजेंसी' फिल्म में नजर आ रहे एक्टर
अनुपम खेर के वर्क फ्रंट की बात करें एक्टर इन दिनों कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' में नजर आ रहे हैं। इसमें वे जयप्रकाश नारायण के रोल में दिखे हैं। फिल्म का निर्देशन कंगना रनौत ने किया है। यह फिल्म देश में लगे आपातकाल की घटना पर आधारित है, जिसमें कंगना ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी का किरदार अदा किया है। 17 जनवरी को रिलीज हुई फिल्म ने पहले दिन 2.5 करोड़ रुपये का कारोबार किया। दूसरे दिन कमाई 3.50 करोड़ रुपये रही। करीब 25 करोड़ रुपये बजट में बनी फिल्म छह करोड़ रुपये कमा पाई है।
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