बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर को हाल ही में मेलबर्न में आयोजित भारतीय फिल्म महोत्सव का हिस्सा बनते देखा गया। महोत्सव में उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्यक्रम की शुरुआत की, और बाद में अपनी नवीनतम फिल्म के बारे में एक इंटरव्यू और चर्चा में भाग लिया। 10 अगस्त की बातचीत में एक निर्देशक के रूप में करण की यात्रा के इतिहास और उनके अब तक के सिनेमाई विकास के बारे में विस्तार से बताया गया। इंटरव्यू का एक वीडियो क्लिप इंडियन फिल्म फेस्टिवल मेलबर्न के इंस्टाग्राम हैंडल पर पोस्ट किया गया, जहां करण से पूछा गया था कि क्या 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' उनकी अब तक की सर्वश्रेष्ठ फिल्म थी। इस पर करण का जवाब काफी लाइमलाइट बटोर रहा है।
करण जौहर ने एक बार फिर कूटनीतिक जवाब देते हुए कहा, 'आप जानते हैं कि मेरी हर फिल्म एक अलग स्रोत से बनाई गई है, मुझे नहीं पता कि इसे कैसे रेटिंग दी जाए। इससे दर्शकों को पता चल जाएगा कि वे मेरी फिल्मों को किस तरह से रेटिंग देंगे।' करण का कहना था कि उनकी हर एक फिल्म में एक अलग धार होती है, और वह अलग-अलग समय में बनी होती है, इसलिए वह इसका अच्छा-बुरा पूरी तरह से दर्शकों के ऊपर छोड़ देते हैं।'
करण जौहर अपनी पुरानी और नई फिल्मों के बीच जबर्दस्त अंतर को भी समझाते हैं। जबकि उनकी पहली कुछ फिल्मों में लैंगिक मानदंडों के बारे में संकुचित विचार थे, उनकी नई फिल्म अलग है। वह कहते हैं, 'मैं अपने पिछले कुछ कामों को देखता हूं, और कई बार मुझे शर्मिंदगी होती है क्योंकि उनमें से बहुत कुछ घटिया हैं। विशेष रूप से, मेरी पहली फिल्म की लैंगिक राजनीति रॉकी और रानी की लैंगिक राजनीति से बहुत अलग है। मेरी पहली फिल्म में मेरी लैंगिक राजनीति पूरी तरह से गलत थी।'
फिल्म निर्माता ने आगे कहा कि यह कंट्रास्ट एक डायरेक्टर के रूप में उनके द्वारा बनाए गए कंटेंट में विकास और परिपक्वता को इंगित करता है। उनके डायरेक्शन की पहली फिल्म 'कुछ कुछ होता है', जो सर्वकालिक पसंदीदा है, और उनकी नवीनतम फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' कई पहलुओं में भिन्न है, विशेष रूप से लिंग राजनीति और करण जौहर का मानना है कि उन फिल्मों में अंतर यह दर्शाता है कि वह अपने आप में विकसित हुए हैं। फिल्ममेकर ने अंत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी नवीनतम फिल्म प्रभाव पैदा करेगी, और दर्शकों के दिलों में बनी रहेगी।