कोरोना संक्रमित हो रहे मरीजों की रफ्तार कम करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन की वजह से कई उद्योग प्रभावित हुए। बॉलीवुड इंडस्ट्री भी इससे अछुती नहीं रही। सिनेमाघरों के बंद हो जाने और शूटिंग के रुक जाने की वजह से प्रोड्यूसर्स को भारी नुकसान झेलना पड़ा। नतीजतन प्रोड्यूसर्स के पास लगाने के लिए पैसा नहीं बचा और कुछ थिएटर्स हमेशा के लिए बंद हो गए। वहीं कुछ कलाकारों ने अपनी फीस बढ़ा दी।
अभिनेताओं द्वारा लगातार फीस बढ़ाये जाने की बात पर अब दिग्गज फिल्मकार करण जौहर ने प्रतिक्रिया दी है। करण जौहर ने बिना किसी का नाम लिए कलाकारों पर निशाना साधा है। फिल्म कंपैनियन में प्रोड्यूसर्स की राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस के दौरान करण जौहर ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद कई युवा कलाकारों ने अपनी फीस में 100 फीसदी तक बढ़ोतरी की है। और फीस बढ़ाने के पीछे का कारण पूछने पर कहते हैं कि उनकी पिछली फिल्में नहीं चलीं या नहीं रिलीज हुई इसलिए उन्होंने फीस बढ़ाने का निर्णय लिया है।
करण जौहर आगे कहते हैं कि कलाकार यह निर्णय तब ले रहे थे जब महामारी से प्रभावित फिल्म इंडस्ट्री प्रॉफिट कमाने के लिए मशक्कत कर रही थी। जब फिल्मों की शूटिंग और रिलीज पर रोक लगी थी। रीमा कागती, जोया अख्तर, निखिल आडवाणी और समीर नायर जैसे दिग्गजों के साथ बैठे करण जौहर ने तंज करते हुए कहा कि टेक्नीशियन और राइटर्स को इन कलाकारों की तुलना में बहुत कम पैसा मिलता है, फिर भी इनकी डिमांड कभी खत्म नहीं होती है।
करण जौहर की इस बात पर वहां मौजूद सभी प्रोड्यूसर्स ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि दिग्गज कलाकारों द्वारा फीस बढ़ाई जाने की बात समझ आती है। लेकिन जिन कलाकारों ने अभी तक इस इंडस्ट्री में कदम तक नहीं रखा है, जब वो फीस बढ़ाते हैं तो यह बहुत बचकाना लगता है। करण ने आगे कहते हैं कि इससे बेहतर होगा कि मैं टेक्निकल क्रू को पैसे दूं जो सही मायनों में किसी फिल्म को खास बनाते हैं। मैं क्यों एक एक्टर को 15 करोड़ और एक एडिटर को 55 लाख रुपये दूं?'