मामला कानूनी नहीं आस्था से जुड़ा है
शिकायतकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि यह मामला केवल कानूनी विवाद नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा है। इस पर अदालत ने कहा कि इसी कारण अब तक एफआईआर पर रोक नहीं लगाई गई।
अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि आदेश में यह दर्ज किया जाएगा कि अभिनेता चार सप्ताह के भीतर मंदिर जाएंगे। साथ ही अदालत ने यह भी संकेत दिया कि वह इस मामले में एक्टर को चेतावनी भी देगी। अदालत ने कहा कि हम फटकार अवश्य लगाएंगे।
हम धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हैं
वहीं रणवीर सिंह की ओर से कहा गया कि वह धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हैं। इसी कारण मामले के गुण-दोष पर बहस नहीं की जा रही है। मामले के अंत में अदालत ने कहा कि वह हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिका का निपटारा करेगी।
इससे पहले भी हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि केवल प्रसिद्ध व्यक्ति होने के कारण कोई किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचा सकता और सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय सावधानी बरतनी चाहिए।