वेब सीरीज ‘शी’, ‘द फैमिली मैन’ और साल 2022 की बेहतरीन फिल्मों में शुमार कांतारा से अपनी पहचान बनाने वाले कलाकार किशोर का ट्विटर हैंडल निलंबित कर दिया गया है। दरअसल ट्विटर के द्वारा उन खातों को निलंबित कर दिया जाता है जो नियमों का उल्लंघन करते हैं। हालांकि अभी यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि उनका खाता किस समय निलंबित किया गया था।
इस कारण हुआ अकाउंट निलंबित
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार किशोर के द्वारा अभिनेत्री साई पल्लवी के विवादास्पद बयान का समर्थन किया गया था। जिसके बाद कश्मीरी पंडितों की हत्याओं को मुसलमानों की हत्याओं से जोड़ दिया था। इसके अलावा किशोर ने पलटवार करते हुए कहा था कि क्या फिल्मी कलाकारों को सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखना अपराध है। जिसके बाद उनके ट्विटर अकाउंट को निलंबित कर दिया गया है।
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बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं किशोर
किशोर जिन्होंने साल 2022 की हिट कन्नड़ फिल्म कंतारा में फॉरेस्ट ऑफिसर मुरलीधर की भूमिका निभाई थी। किशोर सोशल मीडिया पर अपने विचारों और खुलकर बोलने के लिए जाने जाते हैं। 48 साल के अभिनेता इंस्टाग्राम और फेसबुक पर भी काफी एक्टिव रहते हैं। इससे पहले उनके 43,000 से अधिक फॉलोअर्स थे। जो कि बाद में बढ़कर 66,000 हो गए। हालांकि दोनों ही अकाउंट फिलहाल अनवेरीफाइड हैं।
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अदाणी ग्रुप को लेकर भी किया था पोस्ट
अभिनेता ने अपने एक इंस्टाग्राम के पोस्ट में अदाणी ग्रुप द्वारा एक मीडिया संस्थान पर पूरा कंट्रोल करने को लेकर लिखा था। उसके बाद स्वतंत्र प्रेस और भारतीय लोकतंत्र के लिए 30 दिसंबर को ब्लैक डे करार दिया था। वहीं, हाल ही में 1 जनवरी को इंस्टाग्राम पर एक और पोस्ट साझा की थी। जिसमें उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति को लेकर बात की थी, जिसने भगवान कांतारा का अपमान किया है, और खूनी मौत मर गया।
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कांतारा को लेकर कही ये बात
जिसके बाद अभिनेता ने उस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की, किशोर ने लिखा, चाहे वह भगवान हो या फिर दानव हो, हम इसे सिर्फ एक भरोसे के रूप में क्यों नहीं देखते हैं। अगर आप मानते हैं कि यह मौजूद है, यदि आप नहीं मानते हैं, तो यह नहीं है। उसके आगे उन्होंने लिखा- लेकिन उन विश्वासों का अपमान करने की जरूरत नहीं है, जो हम में से कई लोगों को मुश्किल के समय हिम्मत देती है। कानून को उन असामाजिक तत्वों को संभालने दें। विश्वास को एक व्यक्तिगत पसंद बनी रहने दें। इसके साथ ही उन्होंने कांतारा को लेकर भी लिखा- उन्होंने कहा गांव कर्नाटक में स्थापित है, कांतारा, विश्वास और तर्कसंगतता के सह अस्तित्व, प्रकृति और विकास और अन्य चीजों के बीच संघर्ष की संभावना की पड़ताल करता है।