फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bollywood V/S South: किच्चा सुदीप के समर्थन में आए कन्नड़ अभिनेता सूरज गौड़ा, कहा-  जिम्मेदारी से बात करें अजय देवगन

Thu, 28 Apr 2022 07:41 PM IST
निधि पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

किच्चा सुदीप के ट्वीट की बातों का दक्षिण के अभिनेता सूरज गौड़ा ने समर्थन किया है। अभिनेता सूरज गौड़ा ने कहा हमें अपनी मूल बातें सही रखनी चाहिए।
 
विज्ञापन
किच्चा सुदीप, अजय देवगन, सूरज गौड़ा - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कन्नड़ अभिनेता किच्चा सुदीप के एक ट्वीट से शुरू हुआ विवाद धीरे- धीरे बढ़ता जा रहा है। किच्चा सुदीप के एक बयान और फिर उस पर बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन के जवाब ने इस मुद्दे को बड़ा रूप दे दिया। 'हिंदी राष्ट्र भाषा नहीं' के ट्वीट पर अब जुबानी जंग तेज होती जा रहा है। इस मामले में बॉलीवुड के कलाकारों के बाद कर्नाटक के राजनेताओं की भी प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने जहां किच्चा सुदीप के बयान को सही ठहराया है तो वहीं वह अजय देवगन के खिलाफ हैं। 
विज्ञापन


हर भाषा का करते हैं सम्मान
इन सबके बीच किच्चा सुदीप के ट्वीट की बातों का दक्षिण के अभिनेता सूरज गौड़ा ने समर्थन किया है। अभिनेता सूरज गौड़ा ने कहा, 'हमें अपनी मूल बातें सही रखनी चाहिए। भारत एक ऐसा देश है जो अनेकता में एकता के लिए जाना जाता है। हम हर भाषा का सम्मान करते हैं और किसी एक भाषा का राष्ट्रभाषा होने का कोई मतलब नहीं होगा। यही कारण है कि हमारी मुद्रा में हमारी सभी भाषाएं शामिल हैं।'

अच्छा हुआ कन्नड़ में नहीं लिखा
सूरज गौड़ा ने आगे कहा- 'मुझे लगता है कि सुदीप सर ने यह स्पष्ट कर दिया था कि अगर उन्होंने कन्नड़ में टाइप किया होता तो क्या स्थिति होती। अजय देवगन जैसे वरिष्ठ अभिनेताओं से अपेक्षा है कि वह अधिक जिम्मेदारी से बात करें।'
विज्ञापन


इसलिए छिड़ी है बहस
बीते बुधवार को कन्नड़ अभिनेता किच्चा सुदीप ने केजीएफ चैप्टर 2 को अखिल भारतीय फिल्म के रूप में लेबल किए जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए दावा किया था कि 'हिंदी अब राष्ट्रभाषा नहीं है'। उन्होंने कहा था कि बॉलीवुड की फिल्मों को भी अन्य भाषाओं में डब करके पैन इंडिया बनाया जा सकता है। इस बयान के बाद बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने किच्चा सुदीप से सवाल किया कि यदि हिंदी राष्ट्रभाषा नहीं है तो फिर कन्नड़ फिल्मों की हिंदी में डबिंग क्यों की जा रही है। हिंदी हमारी मातृभाषा और राष्ट्रभाषा थी और रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें