पत्र में क्या लिखा गया था?
बता दें कि मंगलवार को 200 से ज्यादा पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, राजनयिकों और रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों ने एक खुला पत्र लिखकर उनके व्यवहार पर चिंता जताई। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों ने संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शनों की आलोचना की, जिनमें सीढ़ियों पर प्रदर्शन और अनौपचारिक जमावड़े शामिल थे। उन्होंने इन्हें अनुचित और स्थापित नियमों के खिलाफ बताया। पत्र में इस बात पर जोर दिया गया कि संसद भारत का सर्वोच्च संवैधानिक मंच है। संसद परिसर के भीतर मर्यादा बनाए रखना केवल परंपरा का मामला नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की संवैधानिक भावना का एक अनिवार्य हिस्सा है। हस्ताक्षरकर्ताओं ने तर्क दिया कि विचाराधीन आचरण ने स्पीकर द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन किया है और राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
एक्ट्रेस ने कहा- 'सब सनातनी हैं'
हाल ही में बीकेटीसी की ओर से प्रेसवार्ता में जानकारी दी गई कि बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधीन आने वाले सभी मंदिरों में गैर सनातनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं, अभिनेत्री सारा खान के केदारनाथ धाम में दर्शन करने के सवाल पर बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा जो भी सनातन धर्म में विश्वास व आस्था रखता है वह सनातनी है। यदि सारा खान भी केदारनाथ धाम में दर्शन करने के लिए आती है तो उन्हें शपथ पत्र देना होगा। इसे लेकर भी कंगना ने रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा, 'जो भी हैं सब सनातनी हैं। सनातन मतलब, जिसका न आदि है न अंत। सारे धर्म हजार-पंद्रह सौ साल पुराने हैं। सनातन ही है, जो सत्य है।'