'तनु वेड्स मनु रिटर्नस' की सफलता का जश्न मना रही कंगना रानौत ने एक बड़ी पहल की है। उन्होने एक फेयरनेस क्रीम का दो करोड़ रूपये के ऑफर को ठुकरा दिया है। कंगना का कहना है कि वो कभी गोरेपन के कांसेप्ट को नही समझ पाई।
कंगना का कहना है कि वो गोरेपन के लिए किसी क्रीम का विज्ञापन करके युवाओं के सामने गलत उदाहरण पेश नही करेंगी क्योंकि रंग किसी की सफलता का पैमाना नही होता। उनका मानना है कि किसी खास रंग के लोग बेहतर होते है, ये गलत सोच है।
सांवली 'रंगोली' भी बनी गोरेपन का विज्ञापन छोड़ने की वजह
दो करोड़ के गोरेपन के विज्ञापन को ठोकर मारने वाली कंगना का कहना है कि उनकी बहन रंगोली सांवले रंग की है और इस विज्ञापन को करने का मतलब उसकी बेइज्जती करना होता।
कंगना का मानना है कि रंगोली की ही तरह ये करोड़ो सांवले लोगो की भी बेइज्जती करने जैसा होता। कंगना के इस कदम को काफी सराहा जा रहा है। हालांकि इससे दूसरे फिल्मी सितारे कितना सीखेंगे इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा।
भारत है कॉस्मेटिक उत्पादों का बड़ा बाजार
आज भारत में कॉस्मेटिक बाज़ार 9000 करोड़ रुपए का है, जिसमें से एक तिहाई यानी तीस प्रतिशत के क़रीब (2,940 करोड़ रुपए) तो गोरेपन की क्रीम का हिस्सा है।
अनुमान है कि 2014 के अंत तक ये बाज़ार 18000 करोड़ का हो जाएगा। ज़ाहिर है कि गोरेपन की क्रीम भी दोगुनी बिकने लगेगी। रंग को लेकर हीन भावना और और युवाओं की गोरेपन की तरफ आकर्षण के बीच कंगना का ये एक बड़ा फैसला है।
'तनु वेड्स मनु' साइन करने को बताया गया था बेवकूफी
कंगना का कहना है कि 'डर्टी पिक्चर' को छोड़कर 'तनु वेड्स मनु' को साइन करने को लोगों ने 'बेवकूफाना हरकत' कहा था। लेकिन कैरियर में कुछ कडे़ फैसले लेने होते हैं। 'क्वीन' को चुनने पर भी कंगना को आलोचना का शिकार होना पड़ा था।
'तनु वेड्स मनु रिटर्नस' पहले दो दिन में ही 21.85 करोड़ की कमाई कर चुकी है।