कंगना रनौत ने हाल ही में अपने उन दिनों को याद किया जब वो बॉलीवुड में करियर बनाने के लिए काफी स्ट्रग्ल कर रही थीं। दरअसल कंगना ने अनुपम खेर के शो 'अनुपम खेर्स पीपल' को दिए एक इंटरव्यू में नेपोटिज्म और अपने बॉलीवुड स्ट्रग्ल के बारे में खुलकर बातचीत की है। कंगना ने अपने करियर स्ट्रग्ल के बारे में बात करते हुए कहा कि लव लेटर लिखने और डेट पर जाने की उम्र में करियर बनाने के लिए मैं महेश भट्ट जैसे नामी लोगों के साथ काम करने में लगी थी।
कंगना ने कहा, "जिस उम्र में लड़किया लव लेटर लिखती है, डेट पर जाती हैं, उस समय मैं कई घंटो तक काम करती थी। मैं महेश भट्ट जैसे टेलेंटेड लोगों के साथ, समाजिक कार्यकर्ताओं और बड़े कलाकारों के साथ काम में बिजी रहती थी और जब छोटी उम्र में आप इतने बड़े कलाकारों के साथ बैठते है तो आपके कुछ बोल नहीं पाते।"
इसके साथ ही कंगना ने बातचीत करते हुए बताया "मुझे कभी बच्चों की तरह खेलने का समय नहीं मिला। 17 साल की छोटी उम्र से ही मैने कड़ी मेहनत करना शुरू कर दिया था, इस उम्र में मैं सेट पर पहुंच गई थी। उस समय मैं करो या मरो की स्थिति में थी। छोटी उम्र में घर छोड़ने के बाद मुझे कभी बच्चों की तरह खेलने का मौका नहीं मिला।"
इसके साथ हा वो नेपोटिज्स पर बोलना भी नहीं बोली। आपको बता दें कि करण जौहर के शो 'कॉफी विद करण' में उन्होने इसल मुद्दे पर खुलकर बात की थी। कंगना ने कहा "इस डिबेट से उनपर कोई असर नहीं पड़ा। मैं अब अपने जीवन में संतुष्ट हूं, मेरा अपना प्रोडक्शन हाउस है। मैं अपने बारे में लोगो को बताना चाहती हूं और इसमें कोई बुराई नहीं हैं। करण जौहर ने नेपोटिज्म के लेकर ब्लॉग लिखा है जिसमें मुद्दे से हटकर लोगो का ब्रेनवॉश करने की कोशिश की है।"