फिल्म इंडस्ट्री के लिए क्या बोली कंगना?
आगे अपनी बातचीत में कंगना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री पर निशाना साधा। उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान बॉलीवुड की प्रतिक्रिया की भी आलोचना की। इसके साथ ही सेलेब्स से सवाल भी किए। कंगना ने कहा…
- जब जंतर-मंतर पर ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही थी, तब सब मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे।
- अब जब झारखंड के बच्चे इस तरह के अत्याचार का सामना कर रहे हैं, तो क्या वे भी Gen Z नहीं हैं?
- क्या कोई तभी Gen Z माना जाता है जब वह देश के खिलाफ काम करे या प्रधानमंत्री का अपमान करे?
- उन्हें खुद ही युवा-विरोधी के रूप में पेश किया जा रहा है। फिल्म उद्योग का यह पाखंड नहीं चलेगा।
- जंतर-मंतर पर जो मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे, उन्हें झारखंड के बच्चों के लिए भी वही आंसू बहाने चाहिए।
नसीरुद्दीन शाह, कंगना रनौत
- फोटो : सोशल मीडिया
पुराने बयान में बताया था ‘लोमड़ी’
कुछ दिनों पहले ही कंगना ने नसीरुद्दीन शाह पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा, ‘मैं जिस घर (देश) की रोटी खाती हूं उसकी रखवाली करती हूं। सच तो ये है कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है। नसीर साहब खाते तो इस देश की हैं लेकिन लड़ते पड़ोसी देश के लिए हैं। मुझे गर्व है कि मैं उसी घर की रक्षा करती हूं जहां से मुझे खाना मिलता है।
नसीर साहब इस जमीन से खाते हैं और पड़ोसियों की रक्षा करते हैं। मैं नसीरुद्दीन जी की तरह लोमड़ी बनने के बजाय कुत्ता बनना ज्यादा पसंद करूंगी।’