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एवरेस्ट पर चढ़ती नजर आएंगी कंगना रणावत

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बॉलीवुड 'क्वीन' कंगना रणावत पहली भारतीय महिला बछेंद्री पाल के बॉयोपिक में नजर आएंगी। इसको लेकर फिल्म के डाइरेक्टर हंसल मेहता ने ट्विट किया है।
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कंगना ने अपनी फिल्म क्वीन से बॉलीवुड में एक अलग जगह बना ली है। कंगना को लेकर निर्देशक हंसल मेहता ने अपने ट्विट में पुष्टि की है कि वे कंगना के साथ पर्वतारोही बछेंद्री पाल पर बनने वाली बॉयोपिक पर काम कर रहे हैं।

कुछ दिनों पहले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हंसल मेहता ने कहा था कि वे पर्वतारोही बछेंद्री पाल की जीवनी पर आधारित फिल्म बना रहे हैं। इसके बाद अब मेहता ने अपनी नई फिल्म के बारे में खुलासा करते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘खबरें आ रही हैं कि कंगना को लेकर मैं एक जीवनी पर फिल्म बना रहा हूं। खबर कुछ बहुत सच भी है, मैं कंगना के साथ फिल्म बना रहा हूं। लेकिन फिल्म बछेंद्री पाल के बारे में है। मैं जल्द ही सारी बातें साझा करूंगा।'
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बछेंद्री पाल बनने के कंगना को करनी होगी बहुत मेहनत

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले नकुरी गांव में जन्मीं बछेंद्री पाल का जीवन संघर्ष से भरा है। खेतिहर परिवार में जन्मी बछेंद्री ने बीएड तक की पढ़ाई करने के बाद निराशा में 'नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग' में कोर्स ज्वाइन किया था। उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा और लगातार बड़ी चढ़ाईयां फतह करती गईं। अंत में उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी चोटी एवरेस्ट को भी फतह किया। कंगना रणावत को भी उनके बॉयोपिक के लिए अपनी बॉडी बहुत काम करना पड़ेगा।

वैसे बछेन्द्री को पर्वतारोहण का पहला मौक़ा 12 साल की उम्र में मिला था। जब उन्होंने अपने स्कूल की सहपाठियों के साथ 400 मीटर की चढ़ाई की। बछेन्द्री पाल को अभी तक कई स्वर्ण पदकों के अलावा पद्मश्री, अर्जुन अवार्ड सहित दर्जनों बड़े सम्मान मिल चुके हैं। बिछेन्द्री पाल का नाम गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है।
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