सेंसर बोर्ड धीरे-धीरे खुद को विवादों से दूर रखने की कोशिश कर रहा है। नतीजा यह कि ज्यादातर फिल्मकारों की फिल्में अब पहले की तरह कैंची की धार में नहीं आ रहीं।
इसका ताजा उदाहरण है निर्देशक शोनाली बोस की फिल्म मार्गरीटा विद अ स्ट्रॉ। यह फिल्म अपने सेक्स दृश्यों के कारण विवादों में फंस रही थी।
कहा जा रहा था कि फिल्म में फ्रंट न्यूडिटी के ऐसे सीन हैं जिन्हें सेंसर किसी हाल में पास नहीं करेगा। परंतु अब खबर है कि निर्देशक ने खुद कुछ दृश्यों को सेंसर करके हटाया और फिर बोर्ड की रिवाइजिंग कमेटी ने भी थोड़ी उदारता दिखाई।
उल्लेखनीय है कि कि कुछ दिनों पहले बोर्ड के प्रमाणपत्र जारी करने वाले सदस्यों ने फिल्म को यथास्थिति में रिलीज के योग्य मानने से इंकार कर दिया था।
इसके बाद निर्देशक ने इसे रिवाइजिंग कमेटी में ले जाने का फैसला किया। जहां फिल्म को मात्र आठ सेकेंड के एक कट के साथ रिलीज के लिए हरी झंडी दिखा दी गई है। फिल्म 17 अप्रैल को रिलीज होनी है।
उल्लेखनीय है कि यह फिल्म शारीरिक रूप से मुश्किल जीवन जी रही नायिका की कहानी है, जिसमें उसकी यौन इच्छाओं को भी जगह दी गई है।
अभिनेत्री कल्कि कोचिलीन फिल्म में सेरेब्रल प्लेसी की मरीज हैं और व्हील चेयर पर ही रहती हैं। सूत्रों के अनुसार सेंसर बोर्ड के सदस्यों को फिल्म के दो दृश्यों पर सख्त आपत्ति थी।
एक दृश्य में नायिका को पेशाब करते हुए दिखाया गया है और दूसरे में नायिका का एक समलैंगिक चुंबन दृश्य है, जो 13 सेकेंड का है। सेंसर सदस्यों द्वारा इंकार के बाद फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी ने इन दृश्यों के साथ रिलीज करने की इजाजत दे दी है।
वैसे रिवाइजिंग कमेटी ने फिल्म के 16 सेकेंड के एक फ्रंड न्यूडिटी वाली सीन को करीब आधा काटने के निर्देश निर्देशक को दिए हैं।
शोनाली बोस ने इस एक कट के साथ फिल्म रिलीज की मंजूरी पर मीडिया में प्रतिक्रिया दी कि मैं उस पत्नी की तरह महसूस कर रही हूं जिसे रोज उसका पति पीटता है, मगर आज एक थप्पड़ लगाकर छोड़ दिया गया है।