पिछले दिनों लीना ने विभिन्न राज्यों में उनके खिलाफ दर्ज मामले में दर्ज सभी मुकदमों को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि निर्माता लीना मणिमेकलाई के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाएगा।
फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलाई ने पिछले दिनों अपनी फिल्म काली को लेकर एक पोस्टर जारी किया था। जिसमें हिंदू देवी काली को एक हाथ में एलजीबीटीक्यू का झंडा पकड़े और सिगरेट पीते हुए दिखाया गया था। इस मामले में खूब बवाल हुआ था और लीना के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। पिछले दिनों लीना ने विभिन्न राज्यों में उनके खिलाफ दर्ज मामले में दर्ज सभी मुकदमों को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि निर्माता लीना मणिमेकलाई के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाएगा।
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कोर्ट ने जारी किया नोटिस
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने लीना मणिमेकलाई की उस याचिका पर उन लोगों को नोटिस जारी किया, जिसमें उनकी डॉक्यूमेंट्री फिल्म के पोस्टर को लेकर विभिन्न राज्यों में उनके खिलाफ दर्ज कई एफआईआर को चुनौती दी गई थी और आगे की सुनवाई के लिए 17 फरवरी की तारीख तय की गई है। लीना के खिलाफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
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पोस्टर ट्वीट करने के बाद मिली धमकी
बता दें कि लीना मणिमेकलाई ने अपनी याचिका में कहा था कि एक रचनात्मक फिल्म निर्माता के रूप में उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। बल्कि एक समावेशी देवी की छवि को दिखाना था। उन्होंने यह भी कहा था कि ये फिल्म देवी के व्यापक विचारों को दर्शाती है। लीना का यह भी कहना था कि इस फिल्म के पोस्टर को ट्वीट करने के बाद उनको जाने से मारने की धमकी और सिर कलम करने की भी धमकी दी गई थी।