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अमर उजाला से खास मुलाकात में बोलीं शबाना आजमी, 21वीं सदी में भी महिलाओं के साथ होता है भेदभाव

Sat, 31 Oct 2020 12:05 AM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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शुक्ल पक्ष में शबाना आजमी - फोटो : अमर उजाला
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नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई फिल्म‘काली खुही’ के कलाकार अमर उजाला से रूबरू हुए। शुक्ल पक्ष कार्यक्रम में शबाना आजमी, संजीदा शेख और रीवा अरोड़ा में खुलकर बातें कीं। फिल्म में शबाना आजमी की भौहें जुड़ी हुई हैं। इसकी पीछे की वजह बताते हुए अभिनेत्री ने कहा कि वो चाहती थीं कि उनके किरदार पर एक सदी नजर आए। उनका किरदार एक गहरा राज लेकर सालों से जी रहा है तो उसके व्यक्तित्व में वो बात नजर आनी चाहिए। उसको देखकर ऐसा लगना चाहिए कि इसने अपनी शक्ल कभी आइने में देखी ही नहीं। भौहें जुड़ी होने से किरदार में एक नयापन आ गया। 

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बातचीत के दौरान शबाना आजमी ने कहा कि उन्हें बच्चों के साथ काम करना बहुत अच्छा लगता है। उन्होंने कहा, 'मेरी फिल्म मासूम में मैंने एक बच्चे के साथ काम किया था। ये पहली हिंदी फिल्म थी जिसमें बच्चे सचमुच में बच्चे लग रहे थे। उस फिल्म के दौरान मैंने बच्चों के साथ काफी बातचीत की थी। मुझे लगता है कि बच्चों के साथ काम करने में एक सलाहियत होनी चाहिए। अगर बच्चों से आप कोई रिश्ता नहीं बनाएंगे तो उन्हें आपके साथ काम करने में हिचक होगी।'


शबाना ने बताया कि सेट पर खुशनुमा माहौल बनाया गया ताकि एक पारिवार की तरह सब कुछ लगे। इस वजह से फिल्म में अच्छा काम हुआ। 

शबाना आजमी ने इस बात पर नाराजगी जताई कि 21वीं सदी में लड़कियों को लड़कों से कम अहमियत दी जाती है। उन्होंने कहा एक तरफ हमारी महिलाएं प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के पद पर आसीन होती हैं वहीं दूसरी तरफ उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ता है। 
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