इस मामले में एक्ट्रेस ने कहा, 'हम एडवांस टेक्नोलॉजी के खिलाफ नहीं हैं। हम लेटेस्ट प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना काफी एंजॉय करते हैं जो हमे बेहतर टेक्नोलॉजी देते हैं। वायरलेस के फील्ड में भी। हालांकि, हम इस परेशानी में भी हैं कि वायरफ्री गैजेट्स और नेटवर्क सेल टावर्स से संबंधित हमारी खुद की रीसर्च और अध्ययन से ये पुख्ता तौर पर पता चलता है कि इस तरह की रेडिएशन लोगों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा के लिए बेहद हानिकारक है।'
तो वहीं जूही चावला के प्रवक्ता ने इस मामले में कहा, 'भारत में 5G टेक्नोलॉजी को लागू किये जाने से पहले RF रेडिएशन से मानव जाति, महिला, पुरुषों, व्यस्कों, बच्चों, शिशुओं, जानवरों, जीव-जंतुओं, वनस्पतियों और पर्यावरण पर पड़नेवाले प्रभावों को लेकर अच्छे से अध्ययन किया जाए और इससे संबंधित किये गये अथवा किये जानेवाले तमाम रिपोर्ट्स को सार्वजनिक किया जाए। इस तरह के अध्ययन से स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि क्या 5G टेक्नोलॉजी भारत की मौजूदा और आनेवाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित या नहीं और इसके बाद ही इसे लागू करने को लेकर विचार किया जाए।'