फिल्म 'सतलुज' में दिलजीज दोसांझ
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बैन ने खींचा लोगों का ध्यान
नवकीरण ने यह भी कहा कि फिल्म को रोकने की कोशिशों ने उल्टा लोगों का ध्यान इस मुद्दे की तरफ और ज्यादा खींचा है। ‘लोग अब उस दौर के बारे में पढ़ रहे हैं, बात कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं, जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है।’
‘डायल्यूटेड वर्जन’ रिलीज नहीं करेंगे
नवकीरण ने बताया कि उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर से साफ कह दिया था कि फिल्म का कोई कमजोर या बदला हुआ वर्जन रिलीज नहीं किया जाएगा। ‘हनी त्रेहान ने इस फिल्म को कोर्ट के रिकॉर्ड और पुख्ता सबूतों के आधार पर बनाया है। इसमें कुछ भी काल्पनिक नहीं है। अगर फिल्म रिलीज होगी, तो पूरी तरह होगी। हम किसी कटे-फटे या बदले हुए वर्जन का समर्थन नहीं करेंगे।’
उन्होंने यह भी कहा, ‘लोग अक्सर मेरे पिता के 25 हजार लापता लोगों के आंकड़े पर सवाल उठाते हैं, लेकिन हम आज भी उसी पर कायम हैं, जब तक कोई इसे गलत साबित न कर दे।’
क्या है ‘सतलुज’ विवाद?
हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी ‘सतलुज’ का नाम पहले ‘पंजाब 95’ रखा गया था। यह फिल्म लंबे समय तक सेंसर प्रक्रिया में फंसी रही, क्योंकि CBFC ने इसमें कई कट्स की मांग की थी।
करीब तीन साल तक अटकी रहने के बाद मेकर्स ने फिल्म को बिना कट के सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज किया। हालांकि, रिलीज के सिर्फ 48 घंटे बाद ही फिल्म को हटा दिया गया।
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सूचना और प्रसारण मंत्रालय के मुताबिक, फिल्म को जरूरी सर्टिफिकेशन पूरा किए बिना रिलीज किया गया था, जो नियमों के खिलाफ है। इसी वजह से प्लेटफॉर्म को इसे हटाने का निर्देश दिया गया। फिलहाल यह फिल्म भारत में कहीं भी उपलब्ध नहीं है।