फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘सतलुज’ विवाद से हैरान नहींं है जसवंत सिंह खालड़ा का परिवार, ‘डायल्यूटेड वर्जन’ रिलीज करने से किया इनकार

Sat, 11 Jul 2026 10:56 AM IST
संदेश मेहरा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Satluj Movie Controversy: फिल्म ‘सतलुज’ रिलीज के बाद से ही सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म को जी5 से हटाने के बाद इसका विवाद और बढ़ गया। अब इस मामले पर जसवंत सिंह खालड़ा के परिवार की ओर से भी बयान सामने आया है। 

विज्ञापन
सतलुज फिल्म रिव्यू - फोटो : X
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फिल्म ‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है, जिन्होंने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में कथित अवैध दाह संस्कार और फर्जी मुठभेड़ों का खुलासा किया था।

हमें कभी हैरानी नहीं हुई

विज्ञापन

दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच जसवंत सिंह खालड़ा की बेटी नवकीरण कौर खालड़ा ने कहा है कि उन्हें इस पूरे मामले पर कोई हैरानी नहीं है। उनका कहना है कि उन्होंने पहले से ही इस तरह की मुश्किलों का अंदाजा लगा लिया था।

नवकीरण कौर खालड़ा ने हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘हमें कभी हैरानी नहीं हुई। हमने शुरुआत से ही विरोध की उम्मीद की थी। हमने डायरेक्टर हनी त्रेहान से भी कहा था कि यह फिल्म बनाना आसान नहीं होगा।’

उन्होंने आगे कहा, ‘एक इंसान का सच इतना भारी था कि सिस्टम उसे भूल नहीं पाया। 1995 से मेरे पिता इस सिस्टम को झकझोरते रहे हैं और आज भी वही हो रहा है।’

फिल्म 'सतलुज' में दिलजीज दोसांझ - फोटो : इंस्टाग्राम@diljitdosanjh

बैन ने खींचा लोगों का ध्यान
नवकीरण ने यह भी कहा कि फिल्म को रोकने की कोशिशों ने उल्टा लोगों का ध्यान इस मुद्दे की तरफ और ज्यादा खींचा है। ‘लोग अब उस दौर के बारे में पढ़ रहे हैं, बात कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं, जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है।’

सतलुज - फोटो : एक्स

‘डायल्यूटेड वर्जन’ रिलीज नहीं करेंगे
नवकीरण ने बताया कि उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर से साफ कह दिया था कि फिल्म का कोई कमजोर या बदला हुआ वर्जन रिलीज नहीं किया जाएगा। ‘हनी त्रेहान ने इस फिल्म को कोर्ट के रिकॉर्ड और पुख्ता सबूतों के आधार पर बनाया है। इसमें कुछ भी काल्पनिक नहीं है। अगर फिल्म रिलीज होगी, तो पूरी तरह होगी। हम किसी कटे-फटे या बदले हुए वर्जन का समर्थन नहीं करेंगे।’

उन्होंने यह भी कहा, ‘लोग अक्सर मेरे पिता के 25 हजार लापता लोगों के आंकड़े पर सवाल उठाते हैं, लेकिन हम आज भी उसी पर कायम हैं, जब तक कोई इसे गलत साबित न कर दे।’

विज्ञापन

सतलुज फिल्म रिव्यू - फोटो : इंस्टाग्राम-@Zee5

क्या है ‘सतलुज’ विवाद?
हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी ‘सतलुज’ का नाम पहले ‘पंजाब 95’ रखा गया था। यह फिल्म लंबे समय तक सेंसर प्रक्रिया में फंसी रही, क्योंकि CBFC ने इसमें कई कट्स की मांग की थी।

करीब तीन साल तक अटकी रहने के बाद मेकर्स ने फिल्म को बिना कट के सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज किया। हालांकि, रिलीज के सिर्फ 48 घंटे बाद ही फिल्म को हटा दिया गया।

ये भी पढ़ें- क्रिस्टोफर नोलन की ‘द ओडिसी’ को CBFC से मिला ‘A सर्टिफिकेट’, बिना बदलाव के पास हुई फिल्म; फैंस हुए एक्साइटेड

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के मुताबिक, फिल्म को जरूरी सर्टिफिकेशन पूरा किए बिना रिलीज किया गया था, जो नियमों के खिलाफ है। इसी वजह से प्लेटफॉर्म को इसे हटाने का निर्देश दिया गया। फिलहाल यह फिल्म भारत में कहीं भी उपलब्ध नहीं है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें