फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jacqueline Fernandez: 'जैकलीन के खिलाफ एक भी सबूत नहीं है', मनी लॉन्ड्रिंग केस में अभिनेत्री के वकील की दलील

Mon, 22 Sep 2025 05:51 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Jacqueline Fernandez Money Laundering Case: अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर कानूनी पचड़े में फंसी हैं। वहीं, उनके वकील प्रशांत पाटिल ने हाल ही में दावा किया है कि इस केस में जैकलीन रणनीति का शिकार है। और क्या कहा? जानिए
विज्ञापन
जैकलीन फर्नांडिस-प्रशांत पाटिल - फोटो : इंस्टाग्राम
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। दरअसल, जैकलीन ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें झटका मिला है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले में दखल से इनकार किया है। इसके बाद जैकलीन के वकील प्रशांत पाटिल ने दावा किया है कि अभिनेत्री के खिलाफ इस केस में कोई सबूत नहीं है और वह रणनीति की शिकार हैं।

विज्ञापन


Jacqueline Fernandez: सुप्रीम कोर्ट से जैकलीन को झटका, 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ी याचिका खारिज

विज्ञापन

वकील का दावा- 'केस में फंसाया गया है'
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर विचार करने से साफ इनकार कर दिया, जिसमें जैकलीन ने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस में दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट यानी ईसीआईआर को रद्द करने की मांग की थी। यह मामला महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जो पहले ही कई धोखाधड़ी के मामलों में जेल में बंद है। इस बीच जैकलीन के वकील ने दावा किया है कि जैकलीन को इस केस में फंसाया गया है।
 

वकील ने दी यह दलील
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जैकलीन के मनी लॉन्ड्रिंग मामले पर उनके एडवोकेट प्रशांत पाटिल ने कहा, 'हम दिल्ली में ट्रायल कोर्ट के समक्ष आरोपों के मामले में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। अगर हम प्रवर्तन निदेशक द्वारा दायर आरोपपत्र को देखें तो जैकलीन को मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जोड़ने वाला एक भी सबूत नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर क्या कहा?
प्रशांत पाटिल ने आगे कहा है, 'हमने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणियों को कृपया इस हद तक हटा दिया जाए कि ट्रायल कोर्ट के सामने मेरे मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से हो सके'। उन्होंने कहा, 'आज, सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश दिया है जो यह इशारा करता है कि जब हम ट्रायल कोर्ट में बहस करेंगे तो दिल्ली हाईकोर्ट की किसी भी टिप्पणी में कोई बाधा नहीं होगी। बहुत सारे सबूत हैं, जो दिखाएंगे कि वह (जैकलीन) पूरी रणनीति का शिकार है और उसे इसमें फंसाया गया था'।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें