निर्माताओं का बयान
अब, निर्माताओं ने आखिरकार विरोध का जवाब देते हुए साझा किया है कि सीन को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी है। जाट के निर्माताओं द्वारा साझा किए गए बयान में कहा गया है, 'फिल्म के एक खास सीन को लेकर काफी आलोचना हुई है। इस सीन को तत्काल प्रभाव से फिल्म से हटा दिया गया है। हमारा इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। हमें इस पर गहरा अफसोस है और हमने फिल्म से सीन को हटाने का त्वरित कदम उठाया है। हम उन सभी से ईमानदारी से माफ़ी मांगते हैं जिनकी आस्था को ठेस पहुंची है।'
फिल्म की टीम के खिलाफ केस भी दर्ज
जालंधर के सदर पुलिस स्टेशन में भी एक एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें कथित तौर पर सनी, रणदीप हुड्डा, विनीत कुमार सिंह, निर्देशक गोपीचंद मालिनेनी और निर्माता नवीन मालिनेनी के नाम शामिल हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फिल्म के कुछ दृश्यों के चित्रण ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, जिसके कारण अधिकारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जालंधर के सदर पुलिस स्टेशन में फिल्म में प्रभु ईसा मसीह से जुड़े एक दृश्य से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।