इंडस्ट्री में ऐसे निर्माता-निर्देशकों-ऐक्टरों के साथ लोग काम करने से इंकार कर रहे हैं जिन पर मीटू कैंपेन के दौरान महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोप लगे। परंतु किसी फिल्म निर्माता-निर्देशक ने अभी तक संगीतकार अनु मलिक के संग काम न करने की घोषणा नहीं की है। जबकि उन पर चार महिलाएं यौन उत्पीड़न के आरोप लगा चुकी हैं और एक रियलिटी टीवी शो के जज की कुर्सी से वे हटा दिए गए हैं। दबी जुबान में कहा जा रहा है कि मलिक का महिलाओं और खास तौर पर इंडस्ट्री में नई आने वाली लड़कियों के साथ बर्ताव सभी को पता था मगर दिग्गज निर्माता-निर्देशकों ने कभी उनसे दूरी नहीं बनाई।
वे अनु मलिक के इस बर्ताव पर आंखें मूंदे रहे। साजिद नाडियाडवाला, जे.पी. दत्ता, राकेश ओम प्रकाश मेहरा जैसे बड़े प्रोड्यूसर-डायरेक्टर अपनी फिल्मों में उनका संगीत लेते रहे। अब जबकि मलिक पर गायिकाओं ने खुल कर आरोप लगाए हैं, तब भी कोई निर्माता-निर्देशक सामने नहीं आया है कि वह उनका संगीत अपनी फिल्म में नहीं लेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में देखना होगा कि क्या इंडस्ट्री में अनु मलिक को काम मिलता रहेगा। इंडस्ट्री में कुछ संगीतज्ञ इस बात से भी नाराज हैं कि अनु मलिक ने फिल्मी परिवारों की लड़कियों तक को नहीं बख्शा। अनु मलिक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली श्वेता पंडित प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित की भांजी हैं।
लोगों को आश्चर्य है कि अनु मलिक की अपनी दो बेटियां है और वह उनकी उम्र बराबर लड़कियों पर बुरी नजर रखते रहे। कंपोजर अमाल मलिक और गायक अरमान मलिक उनके भतीजे हैं। कहा जा रहा है कि अनु मलिक के परिवार के सभी लोगों को उनकी गलत हरकतों को पता था परंतु सभी सदा खामोश बने रहे।