इमरान खान नई पीढ़ी के उन एक्टरों में हैं, जो हर कदम सोच समझकर रखते हैं। वे फिल्मों की क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी पर भरोसा करते हैं। उन्हें ऐसे किरदार निभाना पसंद हैं, जो बतौर एक्टर उन्हें भरपूर चुनौती देते हों। उनकी आने वाली फिल्म 'वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा' में इमरान ने एक गैंगस्टर का किरदार निभाया है।
यह किरदार उनकी अब तक निभाई गई भूमिकाओं से एकदम अलग है। इस रोल के बारे में उनका साफ कहना है कि यह किसी रियल लाइफ गैंगस्टर से प्रेरित नहीं है। महज एक गढ़ा हुआ चरित्र है, जिसे उन्होंने अपने ढंग से परदे पर उतारा है।
मामू आमिर खान की राह पर चलनेवाले इमरान खान को वे किरदार ज्यादा अपील करते हैं, जिनमें एक्टिंग का स्कोप हो। जो एक एक्टर के रूप में चुनौती देते हों। इमरान की आगामी फिल्म है 'वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा' इस फिल्म में इमरान ने असलम नाम का किरदार निभाया है।
असलम अंडरवर्ल्ड डॉन शोएब का दाहिना हाथ है, लेकिन एक लड़की जास्मीन से प्यार होने के बाद स्थितियां बदल जाती हैं। एक तरफ अपने आका के प्रति वफादारी का सवाल है, तो दूसरी तरफ टूट कर किया गया प्यार! ऐसे में बेचारा असलम क्या करे?
इमरान कहते हैं कि इस किरदार के द्वंद्व ने ही मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित किया। जब मुझे 'वंस अपॉन ए टाइम मुंबई दोबारा' की स्क्रिप्ट सुनाई गई, तो मैं ज्यादा रुचि नहीं ले रहा था। सच कहूं तो मुझे इस रोल में कोई इंटरेस्ट ही नहीं था। कहां मैं और कहां गैंगस्टर का किरदार।
मैं तो बस एकता कपूर और मिलन लुथरिया की इज्जत रखने चला गया था। लेकिन जब मैंने घर आकर स्क्रिप्ट पढ़ी, तो बहुत मजा आया। खास तौर पर अपना रोल मुझे बहुत मजेदार लगा। इसके बाद मैंने बिना एक पल गंवाए इस फिल्म में काम करने के लिए हामी भर दी।
इधर लगातार कहा गया कि यह फिल्म भगौड़ा गैंगस्टर दाउद इब्राहिम, छोटा राजन और राम तेरी गंगा मैली फेम हीरोइन मंदाकिनी उर्फ यास्मीन पर आधारित है।
कितनी सच्चाई है? इमरान स्पष्ट करते हैं कि इस फिल्म का किसी भी गैंगस्टर की निजी लाइफ से कोई लेना देना नहीं है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि 'वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा' एक लव स्टोरी फिल्म है, जब कि लोग इसे गैंगस्टर फिल्म मान रहे हैं।
इस फिल्म में मनोरंजन का एक संपूर्ण पैकेज है। इसका म्यूजिक सुपर हिट हो चुका है। दरअसल पहली फिल्म करीम लाला और दाउद पर काफी हद तक आधारित थी, शायद इसीलिए लोगों ने अंदाजा लगा लिया कि सीक्वल फिल्म में भी ऐसा ही होगा। जब कि ऐसा नहीं है।
तो असलम की भूमिका के लिए इमरान ने क्या खास तैयारियां कीं? निर्देशक के अलावा किरदार को रोचक बनाने में अपनी ओर से कितनी मेहनत की? इमरान बताते हैं कि असलम का किरदार मुंबई के डोंगरी इलाके का है। तो किरदार को विश्वसनीय बनाने के लिए बॉडी लैंग्वेंज पर खास ध्यान देना पड़ा।
बोलने के लहजे का खयाल रखा गया। चूंकि यह फिल्म 1988 और 1989 की कहानी कहती है, इसलिए मैंने जैकी श्रॉफ और अनिल कपूर की स्टाइल की नकल की है। तब सारे गैंगस्टर इन दोनों एक्टरों के दीवाने हुआ करते थे।
असलम भी जैकी श्रॉफ की तरह जूते पहनता है और अनिल कपूर की तरह कॉलर खड़े रखता है। क्या इमरान को अक्षय कुमार के लीड रोल वाली फिल्म में काम करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। अक्षय के बारे में तो प्रसिद्ध है कि वे अपने साथी कलाकार का रोल छोटा करवा देते हैं या एडिटिंग टेबल पर उनके इशारे से कांट-छांट हो जाती है?
इमरान का कहना है कि अक्की ऐसे नहीं हैं। पता नहीं उनकी इस किस्म की इमेज कैसे बन गई है। बकौल इमरान, अक्षय ने सीनियर होने के नाते शूटिंग के दौरान मुझे कई ऐसी बातें बताईं, जिनसे मेरे से संबंधित कई सीन उम्दा हो गए। अक्षय तो अपने काम से काम रखनेवाले बहुत अच्छे इनसान हैं।
साथी कलाकारों का रोल काटने वाली बात एक अफवाह मात्र है। अपनी हीरोइन सोनाक्षी के बारे में इमरान का कहना है कि वे बहुत प्रोफेशनल हैं। उनमें एक स्पार्क नजर आता है। वे समय की बड़ी पाबंद हैं।