हिंदुस्तानी भाऊ उर्फ विकास पाठक को 1 फरवरी को दसवीं और बारहवीं के छात्रों को ऑफलाइन बोर्ड परीक्षाओं के खिलाफ उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
हिंदुस्तानी भाऊ के नाम से मशहूर सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर विकास पाठक को बांद्रा में शनिवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान मजिस्ट्रेट कोर्ट ने विकास को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गौरतलब है कि हिंदुस्तानी भाऊ उर्फ विकास पाठक को 1 फरवरी को दसवीं और बारहवीं के छात्रों को ऑफलाइन बोर्ड परीक्षाओं के खिलाफ उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
वहीं मामले में विकास पाठक के वकील महेश मुले ने जमानत के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई सोमवार को तय की है। तब तक पाठक को जेल में ही रहना होगा।
विकास और अन्य कई लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 353 (लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकना), 332 (लोक सेवक को चोट पहुंचाना), 427 (नुकसान पहुँचाना), 109 (दुष्प्रेरण) और 114 (अपराध के समय उपस्थित होना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा हिंदुस्तानी भाऊ पर 143, 145, 146 और 149 गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने और दंगा करने और 188, 269, 270 कोरोनावायरस निर्देशों का उल्लंघन करने के मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई है।
बिग बॉस 13 के कंटेस्टेंट रहे विकास पाठक उर्फ हिंदुस्तानी भाऊ अपने वायरल वीडियोज की चलते अक्सर चर्चा में रहते हैं। बिग बॉस के घर से बाहर आने के बाद भी उन्होंने काफी सुर्खियां बटोरीं थी। बहुत कम लोग ही यह जानते हैं कि यूट्यूबर पर बनने से पहले हिंदुस्तानी भाऊ एक पत्रकार थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हिंदुस्तानी भाऊ मुंबई के लोकल अखबार में क्राइम रिपोर्टर थे। क्राइम पत्रकारिता के लिए उन्हें साल 2011 में बेस्ट चीफ क्राइम रिपोर्टर का खिताब मिल चुका है।