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हाईकोर्ट ने सलमान खान के पड़ोसी को दिए निर्देश, एक्टर की बदनामी और सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है मामला

Thu, 11 Jun 2026 03:55 PM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Salman Khan Case: बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को अभिनेता सलमान खान के पनवेल फार्महाउस के पड़ोसी को खास निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सलमान खान ने अपने पड़ोसी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। जानिए, क्या है ये पूरा मामला?

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सलमान खान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सलमान खान और उनके एक पड़ोसी का विवाद कोर्ट तक पहुंच गया है। यह पड़ोसी सलमान खान के खिलाफ सोशल मीडिया पर बदनामी भरी बातें कहता था। इसी मामले पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने का मतलब यह नहीं है कि कोई भी सेलिब्रिटीज के खिलाफ बदनामी वाली बातें पोस्ट कर सकता है। कोर्ट ने सलमान खान के पनवेल फार्महाउस के पड़ोसी से एक्टर के खिलाफ किए गए पोस्ट को हटाने पर विचार करने को कहा। 

पड़ोसी ने सलमान खान पर क्या आरोप लगाए थे? 

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पीटीआई के मुताबिक केतन कक्कड़ की प्रॉपर्टी महाराष्ट्र के नवी मुंबई इलाके के पनवेल में है। इस शख्स की प्रॉपर्टी सलमान खान के फार्महाउस से सटी हुई है। केतन ने आरोप लगाया था कि एक्टर ने अपने फार्महाउस के कंस्ट्रक्शन के दौरान पर्यावरण से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया। पड़ोसी की प्रॉपर्टी तक जाने का रास्ता रोक दिया। केतन कक्कड़ ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इस मामले में अधिकारियों से संपर्क किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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सलमान खान - फोटो : PTI

सलमान खान ने भी दायर किया मानहानि का मुकदमा 
सलमान खान ने केतन कक्कड़ के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया। उनका आरोप था कि कक्कड़ ने सोशल मीडिया पर उनके फार्महाउस की गतिविधियों के बारे में वीडियो और अन्य कंटेंट अपलोड किए थे। अभिनेता ने कोर्ट से मांग की कि वह केतन कक्कड़ को उनके अपलोड किए गए वीडियो हटाने और आगे ऐसी टिप्पणी करने से रोकने का आदेश दें। जब सिविल कोर्ट ने ऐसा आदेश देने से इनकार कर दिया, तो सलमान खान हाईकोर्ट गए।
हाई कोर्ट में अपनी याचिका में सलमान खान ने कहा कि केतन कक्कड़ द्वारा अपलोड किए गए पोस्ट न केवल मानहानि करने वाले थे, बल्कि सांप्रदायिक रूप से भड़काने वाले भी थे।

कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख दी 
गुरुवार हाईकोर्ट को जस्टिस शर्मिला देशमुख के सामने इस याचिका पर सुनवाई हुई। उन्होंने सवाल किया कि संबंधित अधिकारियों के पास अपनी शिकायत दर्ज कराने के बजाय कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और कंटेंट क्यों अपलोड करेगा? जस्टिस देशमुख ने कहा, ‘सिर्फ इसलिए कि किसी के पास सोशल मीडिया का एक्सेस है, इसका मतलब यह नहीं है कि वे किसी व्यक्ति, चाहे वह आम नागरिक हो या सेलिब्रिटी को बदनाम करेगा। उसके बारे में वीडियो अपलोड करेगा।’  
कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि क्या सिर्फ यह तय करने में कोर्ट का समय बर्बाद किया जाना चाहिए कि कोई खास सोशल मीडिया पोस्ट मानहानि करने वाली है या नहीं, इसलिए उसे हटाया जाना चाहिए या नहीं। आखिर में कोर्ट ने केतन कक्कड़ को कंटेंट हटाने पर विचार करने का सुझाव दिया। इस मामले की अगली सुनवाई अब 6 जुलाई को होगी। 

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