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हर रोज स्कूल नहीं जाती थीं जाह्नवी, मां श्रीदेवी ने बचपन में ही शुरू कर दी थी 'बॉलीवुड ट्रेनिंग'

Sat, 07 Jul 2018 09:41 AM IST
रवि बुले, अमर उजाला, मुंबई
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Janhvi Kapoor and Sridevi
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जाह्नवी कपूर को फिल्म इंडस्ट्री भविष्य की स्टार मान रही है। वह फिल्म धड़क से सिनेमा की दुनिया में कदम रख रही हैं। जाह्नवी से धड़क, उनके बचपन, उनकी शख्सियत और मां श्रीदेवी को लेकर अमर उजाला की विशेष बातचीत...
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आम धारणा है कि फिल्मी परिवार से होने के कारण आपको 'धड़क' मिली। करण जौहर ने आपको कब-कैसे फिल्म ऑफर की?
मनीष मल्होत्रा (बॉलीवुड फैशन डिजाइनर) को मुझसे मिलने के बाद लगा था कि मुझे फिल्मों में होना चाहिए। तब उन्होंने करण से कहा कि मुझसे मिलें। उनसे मुलाकात के बाद मैं दो महीने तक समय-समय पर उनके ऑफिस जाती थी। वहां एक रीडिंग सेशन होता था। वह देखना चाहते थे कि क्या मुझमें एक्टिंग की काबिलियत है। तब उन्होंने मेरे साथ दूसरी फिल्म की बात की थी। लेकिन फिर 'धड़क' (मराठी फिल्म ‘सैराट’, 2015 की रीमेक) आई। मैं बहुत खुश हुई, क्योंकि 'सैराट' देखकर, जो असर मुझ पर हुआ था, वैसा काम करने का मौका मिल रहा था।

‘सैराट’ ने आपके ऊपर क्या प्रभाव डाला था?
वह इतनी खूबसूरत फिल्म है कि उसके प्रभाव को बताने के लिए शब्द कम हैं। 'सैराट' देखकर मेरा दिल भारी हो गया था। बहुत समय तक कुछ नहीं बोल पाई। वह बहुत रियल और इंपॉर्टेंट मुद्दे पर बनी फिल्म है। रोमियो जूलियट से लेकर ऐसी कई कहानियां/फिल्में हैं, जो कहती हैं कि पवित्र प्यार की मौत जरूरी है, ताकि वह अमर हो जाए। मगर 'सैराट' बताती है कि सच्चे प्यार का अंत कितना रक्त-रंजित और दिल दहला देने वाला हो सकता है।
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क्या आप शुरू से अभिनेत्री बनना चाहती थीं?
शायद बचपन से मेरे जहन में यह कीड़ा था। मैं घर में डांस करती रहती थी। मां ने मेरे बहुत सारे वीडियो शूट किए, जो उनके जाने के बाद मुझे देखने को मिले। बचपन से फिल्मों की दीवानगी थी। मम्मा-पापा के साथ मैंने सेट्स पर बहुत वक्त गुजारा। घर में फिल्मों की बातें थीं। हालांकि, मुझे बीच में लगा कि और विकल्प भी देखने चाहिए। मेरी रुचि आर्ट, हिस्ट्री और फैशन में थी। लेकिन मैं जब एक्टिंग कोर्स के लिए लॉस एंजिल्स गई, तो तय कर लिया कि यही करना है।

आपकी पढ़ाई कितनी हुई। आप कैसी स्टूडेंट थीं?
मैंने बारहवीं तक इंटरनेशनल बोर्ड में पढ़ाई की। लेकिन मेरी अटेंडेंस सिर्फ तीस फीसदी थी, क्योंकि मैं मम्मा-पापा के साथ शूटिंग में ज्यादा रहती थी। दुनिया घूमते हुए, मम्मा-पापा के साथ रहकर मैंने ज्यादा सीखा। वह मेरी एजुकेशन थी। इतिहास और अंग्रेजी में खास दिलचस्पी थी। मैं कविताएं भी लिखती हूं।
 
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किस तरह की कविताएं लिखती हैं? कब से लिख रही हैं?
शायद दसवीं से। जब मुझे ऐसे ख्याल आते हैं, जिन्हें बयां करने की जरूरत महसूस होती है। लोगों या जिंदगी के बारे में कुछ नया देखती हूं, खुद के बारे में सोचती हूं, तो लिखती हूं। ज्यादातर अंग्रेजी में, लेकिन कुछ हिंदी में भी लिखी हैं। एक कविता में मैंने लिखा कि लोग मुझसे कहते हैं, मैं भोली हूं और आसानी से कोई मुझे बहला लेता है, लेकिन मेरा कहना है कि सहज, मासूम और पारदर्शी होने के लिए भी एक हिम्मत की जरूरत होती है। मुझे इसमें बुराई नहीं लगती कि मैं लोगों में अच्छाई ढूंढ़ती हूं। 

मासूमियत अच्छी बात है, लेकिन दुनिया और फिल्म इंडस्ट्री में शायद इसकी बहुत कद्र नहीं है। 
लेकिन मैं अपनी मासूमियत संभालकर रखना चाहती हूं। सब लोग कड़वे हो जाएं, तो सोचिए दुनिया कैसी होगी। मैं यह विश्वास कायम रखना चाहती हूं कि लोगों के दिलों में प्यार है। किसी को प्यार देंगे तो बदले में प्यार ही मिलेगा।

गौरतलब है कि जाह्नवी कपूर की डेब्यू फिल्म धड़क 20 जुलाई को रिलीज होगी। इसमें वह शाहिद कपूर के छोटे भाई ईशान खट्टर के साथ नजर आएंगी।
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