अपनी आवाज से लोगों के दिलों में राज करने वाले सिंगर हरिहरन का जन्म तीन अप्रैल 1955 को एक तमिल परिवार में हुआ था। कम लोगों को ही यह बात पता होगी कि हरिहरन ने बहुत ही कम उम्र में संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी थी। बताया जाता है कि इस दौरान वह 13 घंटे रियाज किया करते थे। अपने करियर में उन्होंने 10 भाषाओं में 15 हजार से अधिक गाने गाए हैं। हरिहरन ने तेलुगू, मलयालम, कन्नड़, मराठी फिल्मों के गानों के लिए अपनी आवाज दी है।
पद्मश्री से हो चुके हैं सम्मानित
बेहतरीन आवाज के धनी हरिहरन को उनके गानों के लिए कई अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है। साल 2004 में भारत सरकार उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित कर चुकी है। टी-सीरीज़ के लिए हरिहरन की आवाज में रिकॉर्ड की गई हनुमान चालीसा यूट्यूब पर सबसे ज्यादा देखा जाने वाला भक्ति गीत है। इस गीत पर अब तक 2.3 बिलियन व्यूज आ चुके हैं। यह दुनिया का पहला भक्ति गीत है जिसे इतनी बार देखा गया है।
साल 1992 में एआर रहमान ने दिया मौका
हरिहरन ने तमिल फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत साल 1992 में की थी। उन्हें म्यूजिक डायरेक्टर एआर रहमान ने मणिरत्नम की फिल्म रोजा में मौका दिया था। इस फिल्म के लिए उन्होंने 'थमिजा थमिजा' गाना गाया था। 'उइरे उइरे' गाने के लिए उन्हें साल 1995 में तमिलनाडु सरकार की तरफ से सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक का पुरस्कार भी मिल चुका है। हरिहरन ने एआर रहमान के लिए कई फिल्मों में गाना गाया है। इनमें फिल्म मुथु, मिनसारा कानावु, जींस, इंडियन, मुधलवन, ताल, रंगीला, इंदिरा, इरुवर जैसी फिल्में शामिल हैं। साल 1998 में उन्हें हिंदी फिल्म बॉर्डर के गाने 'मेरे दुश्मन मेरे भाई' के लिए पहली बार राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया था। इसके बाद साल 2009 में उन्हें फिल्म जोगवा के मराठी गीत 'जीव रंगला' के लिए एक और राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। इस गाने को मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर अजय अतुल ने कंपोज किया था।