डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की फिल्म मेसेंजर ऑफ गॉड (एमएसजी) की रिलीज पर सेंसर बोर्ड ने रोक लगा दी है। यह फिल्म इसी शुक्रवार को रिलीज होनी थी। बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया है।
बोर्ड की अध्यक्ष लीला सैमसन ने बताया कि फिल्म को एफसीएटी के पास भेजने का फैसला एकमत से किया गया है। सेंसर बोर्ड की पूरी टीम ने फिल्म देखने के बाद इसे फिल्म सर्टिफिकेशन अपीलेट ट्राइब्यूनल (एफसीएटी) के पास भेज दिया है।
इससे पहले अकाल तख्त समेत कई सिख संगठनों ने राम-रहीम की इस फिल्म पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए बैन लगाने की मांग की थी। गृह मंत्रालय ने भी यह आशंका जताई है कि फिल्म को देखने के बाद सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है।
कुछ प्रदेशों को छोड़ कर किया जाए रिलीज
फिल्म मेसेंजर ऑफ गॉड को लेकर यह भी खबर है कि हो सकता है कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में फिल्म के प्रदर्शन की इजाजत न दी जाए, क्योंकि गृह मंत्रालय को इस संबंध में लगातार प्रतिकूल सूचनाएं मिल रही हैं।
वहीं गुरमीत राम रहीम पर हाल ही में आश्रम के भक्तों को नपुंसक बनाने के मामले में केस दर्ज किया गया है। इन पर हत्या और रेप का भी आरोप है। इसको लेकर सिरसा के विवादास्पद डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह विवादों में घिरे हुए हैं।
गुरमीत ने कहा था आपत्ति पर हटा देंगे सीन
अपनी फिल्म मेसेंजर ऑफ गॉड पर रोक की खबरों से पहले पर राम रहीम ने कहा था कि अगर बोर्ड को किसी सीन पर आपत्ति होगी तो वह उसको हटा देंगे।
फिल्म के पोस्टर और ट्रेलर के आने के बाद से ही फिल्म को लेकर विवाद होने लगे थे। ऐसे में राम रहीम ने कहा था कि अगर सेंसर बोर्ड को फिल्म में कुछ आपत्तिजनक लगेगा तो उस दृश्य को हटा दिया जाएगा। वहीं इस स्वनिर्देशित फिल्म में उन्होंने फिल्म के गीत भी गाए हैं।
राम रहीम ने कहा था कि 'फिल्म में मैंने खुद को भगवान की तरह नहीं, बल्कि एक आम आदमी की तरह पेश किया है। यह फिल्म युवाओं को अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित करेगी। फिल्म के जरिए युवाओं को नशा, वेश्यावृत्ति सहित कई तरह की बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया गया है।'
कई संगठनों ने की थी फिल्म पर बैन की मांग
गुरमीत राम रहीम की फिल्म को लेकर कई संगठनों ने बैन की मांग की थी। इसको लेकर कई प्रदेशों में माहौल खराब होने की बात कही जा रही थी। सेंसर बोर्ड के इस फैसले के बाद यह देखना होगा कि गुरमीत राम रहीम क्या कदम उठाएंगे।
इस फिल्म को लेकर अकाल तख्त ने पंजाब सरकार से फिल्म पर पाबंदी की मांग की थी। अकाल तख्त के प्रमुख गुरबचन सिंह ने कहा था कि डेरा प्रमुख पर हत्या और रेप के आरोप हैं और उनकी फिल्म से लोग गुमराह हो सकते हैं। पंजाब सरकार से फिल्म पर रोक लगाने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा था कि 'फिल्म हिंदू, सिख और मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को आहत करेगी।'
वहीं ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन ने भी प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की थी। शिरोमणि अकाली दल-मान के अध्यक्ष सिमरजीत सिंह मान ने भी फिल्म पर प्रतिबंध की मांग की है।