मशहूर गीतकार, लेखक, निर्देशक गुलजार अपने साथ कभी मोबाइल नहीं रखते। फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी उनसे सिर्फ लैंडलाइन पर ही बातें करते हैं। ऐसे में डिजिटल पर लांच हुए अपने नए अलबम 'नायाब लम्हे' की लांचिंग में एक युवक को अपना वीडियो बनाते देख गुलजार भड़क गए।
गुलजार बाद में संभले और अपनी नई गजल के कुछ मिसरे भी सुनाए और बताया कि कैसे संगीतकार दीपक पंडित की एक धुन पर वह मिसरे लिखते गए और पूरी गजल बन गई।
'नायाब लम्हें' में गुलजार की लिखी गजलों को मशहूर गजल गायक पंकज उधास ने आवाजें दी हैं। इस मौके पर पंकज उधास ने अपने करियर के शुरूआती दिनों का एक संस्मरण भी साझा किया जो गुलजार की फिल्म 'मौसम' के लिए लिखी गजल से संबंधित है और जिसे सुनकर मशहूर गजल गायक मेहंदी हसन खो गए थे।