बाल कलाकार के साथ गोविंद नामदेव
- फोटो : इंस्टाग्राम@realgovindnamdev
स्कूली पढ़ाई के बाद एनएसडी में दाखिला और 12 साल नौकरी की
गोविंद नामदेव ने अपनी लगन और मेहनत से स्कूली पढ़ाई पूरी की। फिर कॉलेज की बारी आई लेकिन सोचने लगे कि काम करते हुए, कमाते हुए कॉलेज की पढ़ाई कैसे होगी। इसी दौरान उन्हें एनएसडी का एक एड दिखा, जिसमें स्कॉलरशिप की बात लिखी थी। गोविंद ने एनएसडी में दाखिल के बारे में बात करते हुए कहा, ‘मुझे लगा मन की मुराद पूरी हो गई। एनएसडी से कई दिग्गज कलाकार बॉलीवुड पहुंचे हैं, इसमें ओम पुरी, नसीरुद्दीन शाह जैसे अभिनेता शामिल हैं।’ नेशनल स्कूल ऑफ ड्रॉमा में पढ़ाई पूरी करने के बाद गोविंद नामदेव ने बॉलीवुड का रूख नहीं किया, पहले उन्होंने 12 साल एनएसडी में ही नौकरी की।
दिलीप साहब की तारीफ से मिली खुशी
90 के दशक में गोविंद नामदेव ने अपने करियर की शुरुआत बॉलीवुड में की। उन्होंने विलेन बनने की राह चुनी। गोविंद नामदेव कहते हैं, ‘मैं जब हिंदी सिनेमा में आया तो हीरो बनने की उम्र थी नहीं। तो मैंने विलेन बनने की राह चुनी। कई नेगेटिव रोल किए। शेखर कपूर ने फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ में विलेन का रोल ऑफर किया तो मैंने तुंरत हामी भरी। इसके बाद तो कई पीछे मुड़कर नहीं देखा।'
गोविंद नामदेव के लिए सबसे ज्यादा खुशी और गर्व का पल वो था जब दिलीप साहब से तारीफ मिली। गोविंद नामदेव बताते हैं, ‘मैं दिलीप साहब को अपना गुरु मानता था। फिल्म ‘प्रेम ग्रंथ’ की रिलीज पर पहली तारीफ मुझे उनसे मिली थी। दिलीप साहब ने कहा था गोविंद वैरी गुड, शाबाश। दिलीप साहब को तारीफ करते देख मैं गदगद हो गया। फिर अमिताभ बच्चन से लेकर कई एक्टर्स ने मुझे जमकर सराहा।’
गोविंद नामदेव ने हिंदी सिनेमा में विलेन के अलावा कॉमेडी रोल भी खूब किए। टीवी सीरियल में भी अपने हुनर से दर्शकों का मनोरंजन किया। अब भी वह फिल्मों में सक्रिय हैं।
लीड रोल में जल्द नजर आएंगे गोविंद नामदेव
इस साल गोविंद नामदेव की लगभग सात फिल्में रिलीज होंगी। नई फिल्मों के बारे में वह कहते हैं, ‘इस साल मुझे दर्शक नए रूप में देखेंगे। मुझे इन सात फिल्मों का इंतजार है। मैं आपको लीड कैरेक्टर यानी सेंट्रल कैरेक्टर के तौर पर भी नजर आऊंगा।’
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