लगातार 12 घंटे से ज्यादा शूटिंग करने के खिलाफ छिड़ी फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज (एफडब्लूआइसीई) की जंग ने जिस दुर्घटना के बाद तेजी पकड़ी है, उस दुर्घटना में दिवंगत हुए सिने कर्मचारी के परिवार को भी फेडरेशन की मदद से 20 लाख रुपये की मदद मिल गई है। फेडरेशन ने मुंबई में फिल्म निर्माण से सम्बद्ध अपनी सभी यूनियनों से अपने सदस्यों को ये समझाने को भी कहा है कि वे लगातार 12 घंटे से ज्यादा काम न करें।
जानकारी के मुताबिक 13 फरवरी को शूटिंग से घर जाते हुए रोड एक्सीडेंट में ‘सावधान इंडिया’ टीवी शो के सहायक कला निर्देशक प्रमोद कालेकर की मृत्यु हो गई थी। उनके साथ एक और व्यक्ति भी था जिसे गंभीर चोटें आईं। बताया गया कि प्रमोद लगातार सेट पर पिछले दिन से ही काम कर रहे थे और ज्यादा देर तक लगातार काम करने की वजह से उनका संतुलन ठीक नहीं रहा था। दुर्घटना में एक दूसरा व्यक्ति जो यूनिट का एक अन्य सदस्य था, वह पीछे की सीट पर बैठा था और घायल हो गया था जिसका उपचार चल रहा है।
फेडरेशन ने इस हादसे पर दुख जताया है और तमाम प्रयास करके और प्रोड्यूसर पर दबाव बनाकर प्रमोद की पत्नी सविता कालेकर को 20 लाख रुपये की आर्थिक मुहैया कराई है। निर्माता के ऊपर फेडरेशन ने ये भी जिम्मेदारी रखी है कि अगर बीमा कंपनी सड़क दुर्घटना की बीमा रकम प्रमोद के घरवालों को नहीं देती है, तो ये रकम भी शो के प्रोड्यूसर को ही देनी होगी।
फिल्म, टीवी व वेब सीरीज के निर्देशकों की संस्था इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (इफ्टडा) ने निर्धारित समय सीमा से अधिक काम न करने के लिए इसी दुर्घटना के बा अपने सदस्यों को नोटिस जारी किया है। लगातार काम करते रहने के चलते हो रहे हादसों से बचने के लिए ये कदम उठाया गया है। इस संबंध में निर्माताओं पर दबाव बनाने के लिए फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लाइज (एफडब्ल्यूआईसीई) भी अपनी तरफ से कोशिशें शुरू कर चुकी है।
तफ्तीश में ये बात सामने आई है कि निर्माताओं के ऊपर इन दिनों अपने प्रोजेक्ट पूरे करने को लेकर अतिरिक्त दबाव है जिसके चलते शूटिंग के घंटे बढ़ाए जा रहे हैं। इफ्टडा ने भी अपने सदस्यों को भेजी नोटिस में ये बात मानी है और कहा है कि लगातार 18-20 घंटे काम करने से न सिर्फ शारीरिक और मानसिक थकान होती है बल्कि ये मानवीय अधिकारों का उल्लंघन भी है। पत्र में कहा गया है कि एफडब्ल्यूआईसीई इस बारे में फिल्म निर्माताओं से बात कर रही और जो निर्माता अपने कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्य का दबाव बना रहे हैं उनके खिलाफ एफडब्ल्यूआईसीई कार्रवाई भी करने जा रही है।