कैसी थी बचपन की दुर्गा पूजा
सुजॉय घोष ने आगे दुर्गा पूजा के बारे में याद करते हुए कहा, ‘ वहां पूजा आमतौर पर किसी मंदिर या सामुदायिक केंद्र में आयोजित की जाती है। उनमें कोलकाता जैसी भव्यता, तेज संगीत और चकाचौंध भरी रोशनी भले ही न हो, लेकिन वे अधिक व्यक्तिगत अनुभव देती हैं। वे सामुदायिक पूजा की तुलना में घर पर की जाने वाली पूजा (घरेलू पूजा) के समान अधिक होती हैं।’
'कहानी' के लिए वापस गए कोलकाता
साल 2012 में फिल्म 'कहानी' की शूटिंग के लिए वापस कोलकाता वापस गए। उन्होंने 64 दिनों में फिल्म पूरी की, सड़कों पर, मेट्रो स्टेशनों पर, ट्राम डिपो में और यहां तक कि एक असली पंडाल में भी गुरिल्ला शैली में शूटिंग की। इस पर सुजॉय ने कहा, ‘चूंकि हमारे पास दुर्गा पूजा को पर्दे पर हूबहू दिखाने का बजट नहीं था, इसलिए हमने बालीगंज कल्चरल से उन पांच दिनों में सब कुछ फिल्माने की अनुमति ली। लोग, भीड़, सिंदूर खेला (सिंदूर लगाना) की रस्म सब असली थे, और उनके बीच अविश्वसनीय रूप से साहसी विद्या बालन भी थीं। यह थका देने वाला था, लेकिन शूटिंग में बहुत मजा आया।’
कैसा किया विसर्जन का शूट
अपनी बातचीत में सुजॉय ने कहा, ‘जुलूस में शामिल कई आयोजक महीनों से पूजा की योजना बना रहे थे और उसे सुचारू रूप से आगे बढ़ा रहे थे। मां को विदाई देते समय वे भावुक हो गए, कई तो रो पड़े। आज भी मैं उन भावनाओं को महसूस कर सकता हूं, जो इतनी तीव्र और वास्तविक थीं, मुस्कान और आंसुओं, रीति-रिवाजों और उल्लास के माध्यम से खुद को व्यक्त कर रही थीं, जिन्हें हमने कैमरे में हमेशा के लिए कैद कर लिया।’
‘कहनी 2’ को लेकर लगा आरोप
- बीते दिनों सुजॉय घोष पर ‘कहानी 2’ को लेकर आरोप लगे।
- शिकायतकर्ता, उमेश प्रसाद मेहता ने फिल्म 'सबक' के लिए एक स्क्रिप्ट लिखी थी, जिसका कॉपीराइट उनके पास है।
- उमेश ने शिकायत में कहा कि घोष ने उनकी स्क्रिप्ट की एक फोटोकॉपी अपने पास रख ली ।
- सुजॉय घोष की आगामी फिल्म ‘कहानी 2’ की स्क्रिप्ट उमेश के कॉपीराइट का उल्लंघन कर बनाई गई।
- फिल्म कहानी 2 की बात करें तो इसमें विद्या बालन और अर्जुन रामपाल जैसे सितारे नजर आए।