विनोद खन्ना और हेलेन जैसे बड़े कलाकारों को निर्देशित करने वाले फिल्ममेकर राजेश नंदा नहीं रहे। अकुर्डी के एक वृद्धाश्रम में उनका निधन हो गया।
राजेश नंदा ने कई फिल्मों का निर्देशन किया है। साल 1962 में आई फिल्म 'पिक पॉकेट', 'प्रोफेसर-एक्स', 'बेहरुपिया', 'नतीजा' और 'तुकाराम' जैसी फिल्मों को डायरेक्ट किया है। किसे पता था कि ऐसी फिल्में देने वाला डायरेक्टर को एक दिन गुमनामी की मौत नसीब होगी।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक 20 मई को अकुर्डी के संत बाबा मोनी साहेब वृद्ध आनंदाश्रम में अपनी आखिरी सांसें लीं। उनके निधन के वक्त उनके परिवार से कोई भी व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था।
उन्हें इस आश्रम में फेमस गजल गायक अशोक खोसला लेकर आए थे। गीतकार सुधाकर शर्मा ने अशोक खोसला को फोन कर राजेश नंदा की हालत के बारे में बताया था। पिछले 15 महीनों से वह इस आश्रम में रह रहे थे।