'इंदु सरकार' को लेकर आ रही तमाम अचड़नों के बाद आखिरकार फिल्मकार मधुर भंडारकर को डिस्क्लेमर चलाने के लिए हां करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि फिल्म 70 फीसदी फिक्शन और 30 फीसदी सच पर आधारित है।
1975 के आपातकाल की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म सोमवार को केंद्रीय फिल्म एवं प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को दिखाई गई थी, जिसके बाद फिल्म में 12 कट लगाने और दो जगह डिस्क्लेमर देने के लिए कहा गया था। हालांकि इससे पहले मधुर भंडारकर ने कहा था कि फिल्म में किसी भी तरह का बदलाव करने पर फिल्म का सार बदल जाएगा।
लेकिन इस आदेश के बाद मधुर भंडारकर ने कहा था कि फिल्म में सीन काटने से फिल्म का सार प्रभावित हो सकता है। हम रिव्यू कमेटी के पास जाएंगे। उम्मीद करते हैं कि इसे मंजूरी दे दी जाएगी, अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर हमारे पास अपीलीय न्यायाधिकरण के पास जाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होगा।'
ये फिल्म आपातकाल पर आधारित है। इस फिल्म के किरदार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके बेटे संजय गांधी से प्रेरित हैं। फिल्म में नील नितिन मुकेश, कीर्ति कुल्हाड़ी, सुप्रिया विनोद, अनुपम खेर और तोता रॉय चौधरी जैसे कलाकार हैं।
‘इंदु सरकार’ 28 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।