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'तेवर' देखने से पहले जानिए क्या हैं इसके तेवर

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साल की पहली बड़ी फिल्म तेवर में पूरानी कहानी को नई पैकेजिंग में परोसा गया है। फिल्म का अंदाज कुछ-कुछ साउथ की ऐक्शन फिल्मों की तरह है। फिर भी साल की पहली रिलीज के कारण इसे एक बार देखा जा सकता है।
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फिल्म में विलेन को हीरोइन सोनाक्षी से प्यार हो जाता है पर हीरोइन उसे नहीं चाहती। बाहुबली विलेन पहले हीरोइन के भाई का मर्डर करता है और फिर उससे डर कर भागते हुए हीरोइन अचानक हीरो से टकरा जाती है।

वहीं फिल्म में अर्जुन आगरा के पिंटू नाम के लड़के का रोल कर रहे हैं, जिनके पिता पुलिस अफसर हैं। फिल्म में अर्जुन कपूर मस्तमौला युवक के किरदार में जो अपनी दोस्त मंडली के साथ ज्यादा रहता है।
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मनोज वाजपेयी ने किया कमाल का अभिनय

फिल्म तेवर में मनोज वाजपेयी ने कमाल का अभिनय किया है। यह मनोज वाजपेयी का दुर्भाग्य है कि उन्हें अक्सर ऐसी फिल्में मिलती हैं, जिनमें हीरो कमजोर होते हैं और इस कमजोरी की वजह से फिल्म औंधे मुंह गिर जाती है। तेवर का भी हाल कुछ-कुछ ऐसा ही है। फिल्‍म सिर्फ मनोज के अभिनय के लिए याद किया जाएगा।

पूराने फार्मूलों में तकनीक की मदद से नए रंग गढ़ने से सिनेमा बोरिंग हो जाता है। ऐसी सर्दी में भावनाओं में ताजगी की गर्माहट जरूरी है, 'तेवर' के हीरो अर्जुन कपूर बहुत ठंडे मालूम पड़ते हैं। वहीं सोनाक्षी सिन्हा कहीं से प्रभावित नहीं कर पातीं।
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फिल्म अपने 'तेवर' से निराश करती है

अभिनेत्री सोनाक्षी ने इस फिल्म भी निराश किया है। सोनाक्षी आज ऐसे मुकाम पर हैं, जहां उन्हें अब गंभीर होकर सोचने की जरूरत है कि वह बॉलीवुड में क्या करना चाहती हैं।

उत्तर भारत के दर्शकों को सिर्फ यह बात आकर्षित कर सकती है कि कहानी आगरा-मथुरा की है। लेकिन फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है जो इन पौराणिक-ऐतिहासिक शहरों को कोई नई-खूबसूरती या पहचान से जोड़े।

फिल्म तकनीकी स्तर पर भले ही मजबूत नजर आए, लेकिन यह निर्देशक की नाकामी है। एकाध गीत को छोड़ दें तो बाकी गीत-संगीत ऐसा नहीं है कि आप उसे याद रख सकें। कुल मिला कर फिल्म अपने नाम 'तेवर' के बावजूद शरीर को गर्म करने में नाकामयाब है।
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