रोहन सिप्पी की रिलीज को तैयार फिल्म ‘नौटंकी साला’ की पृष्ठभूमि को देखकर ऐसा लगता है कि रोहन ने थियेटर से जुडे अपने अनुभवों पर यह फिल्म बनाई होगी। दिलचस्प बात यह है कि रोहन कभी थियेटर से जुड़े रहे ही नहीं।
थियेटर का अनुभव न होने के बावजूद रोहन ने 21वीं सदी के आम आदमी को ध्यान में रखकर उसके अनुसार लाइटिंग और कॉस्ट्यूम को ध्यान में रखकर फिल्म की परिकल्पना तैयार की है। थिएटर से वास्ता न होने के बावजूद रोहन इसे अपना पैशन मानते हैं। अपने इस पैशन को वे फिल्म ‘नौटंकी साला’ के ज़रिये ला रहे हैं।
रोहन बताते हैं कि आज से 20 साल पहले मैं पृथ्वी थियेटर जाया करता था। सच कहूं तो फेस्टिवल्स के दौरान वहां जाने का मज़ा ही कुछ और था। उसी दौरान थियेटर से जुड़ी काफी बारीकियां मैंने समझी। विशेष रूप से उनकी लाइटिंग और सेटिंग पर मेरा पूरा ध्यान रहता था। उसी समय से थियेटर जगत ने मुझे काफी आकर्षित किया।
रोहन ने कहा कि वर्ष 2011 में मैंने स्टूडियो में एक म्युजिकल शो किया था। अनुभव के नाम पर फिलहाल मेरे पास सिर्फ यही एक अनुभव है। अपने उन सभी पिछले अनुभवों को संजोकर मैंने फिल्म नौटंकी साला तैयार की है। अब दर्शकों पर है कि मेरी इस फिल्म को वे किस तरह से लेते हैं। मेरे अनुभवहीनता को वे नकारते हैं या मेरी मेहनत को स्वीकारते हैं।