19 जुलाई को रिलीज हो रही फिल्म 'डी डे' की मूल कहानी ओसामा बिन लादेन के मारे जाने तर्ज पर रची गयी है। अंतर बस इतना होगा कि वहां ओसामा बिन लादेन था और यहां दाऊद है।
अपनी फिल्मों की कहानी के लिए निर्माता और निर्देशक अलग-अलग स्रोत तलाशते हैं। लेकिन फिल्म निर्देशक निखिल आडवाणी को 'डी डे' बनाने का आइडिया उनके ड्राइवर से मिला।
एक दिन निखिल अखबार पढ़ रहे थे। उसी दिन अमेरिकियों ने लादेन को मार गिराया था। यह किस्सा निखिल ने ड्राइवर को बताया तो ड्राइवर ने कहा कि हम भी ऐसा क्यों नहीं कर सकते।
ड्राइवर ने कहा कि हम ऐसा दाउद के साथ कर सकते हैं। दाउद को पाकिस्तान जाकर हम भी मार सकते हैं। ड्राइवर दरअसल दाउद को असल जिंदगी में मारने की बात कर रहा था।
बस यहीं से निखिल को आइडिया मिल गया। उन्होंने फिल्म में भी यही दिखाया है। फिल्म दिखाती है कि किस तरह भारत के जांबाज ऑफिसर भारत के मोस्ट वांटेड मैन को भारत लाने के मिशन पर निकल पड़ते हैं।
इस फिल्म में दाउद इब्राहिम का किरदार ऋषि कपूर ने निभाया है। इरफान खान और अर्जुन रामपाल भारत के जाबांज ऑफिसर बने हैं।