फिल्म इंडस्ट्री के चौथे खान कहे जाने वाले सैफ अली खान ने कहा है कि भारत में दिये जाने वाले ज्यादातर फिल्म अवॉर्ड भ्रष्ट हैं। उन्होंने कहा कि यह अवार्ड सिर्फ लोगों की उपस्थिति के आधार पर ही दिये जाते हैं।
आमिर खान के साथ 'दिल चाहता है' में काम करने वाले सैफ ने कहा है कि आमिर जैसे कलाकार को कोई अवार्ड क्यों नहीं दिया जाता है। जबकि उनका काम सबसे बेहतर होता है। सैफ का कहना है कि कई बार तो अच्छी फिल्म होने के बावजूद आमिर को नॉमिनेशन तक नहीं मिलता है। उन्होने कहा है कि सरकारी अवार्ड भी इनसे ज्यादा अलग नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि यह विश्वसनीयता का मसला है। अगर आप बेहतर ढंग से और ईमानदारी से पात्रों का चयन करेंगे तो ही लोग आप पर यकीन कर सकते हैं। सैफ अली खान के पहले अभिनेता अजय देवगन ने भी अवार्ड समारोहों को भ्रष्ट कहा था। उनका कहना था कि मेरे पास कई बार ऐसे फोन आते हैं जिनमें कहा जाता है कि अगर आप हमारे यहां आयेंगे तो हम आपको अवॉर्ड देंगे।
अजय देवगन भी ज्यादातर अवॉर्ड समारोहों में नहीं जाते हैं। हालांकि कुछ ज्यूरी को भ्रष्ट नहीं माना जाता है लेकिन उनके भी निर्णयों पर अक्सर सवाल उठाये जाते रहे है। सैफ का कहना है कि सच तो यह है कि यह अवॉर्ड ज्यादा मायने ही नहीं रखते हैं। इनसे कोई असर नहीं पड़ता है। असली अवाड तो दर्शक होते हैं। उन्होने यह बातें एक अंग्रेजी समाचार पत्र से इंटरव्यू के दौरान कहीं।