रंगमंच और सिनेमा में कई महान कृतियों का निर्देशन कर चुके फिरोज खान ने एक राष्ट्रीय गैर सरकारी संस्था पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर एक अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का नाम 'हिम्मत है तो जीत है' है, जिसका उद्देश्य कोरोना वायरस के सामने डटकर खड़े हुए लोगों का उत्साहवर्धन करना और लोगों में सकारात्मकता और आशा का उद्गार करना है। इस अभियान की शुरुआत 1 सितंबर से हो चुकी है और यह अभियान अगले दो महीने तक चलेगा। इस अभियान से फिरोज एक रचनात्मक सलाहकार के रूप में जुड़े हैं।
मार्च के महीने में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए हुए विश्वव्यापी लॉकडाउन में सारे कारोबार ठप हुए लेकिन एक लेखक की कलम फिर भी चलती रही। यही कारण है कि बंदी के बावजूद कई लेखकों ने अपनी कहानियां लिखीं और उन्हें कम साधनों के साथ खुद उन्हें पर्दे पर भी उतारा। अब तो लॉकडाउन भी खत्म हो चुका है और काम धंधे भी शुरू हो गए हैं। फिर भी अपनी रचनात्मक सोच को दिखाते हुए फिरोज इस नए अभियान से जुड़े हैं। दो महीने तक चलने वाले इस कार्यक्रम में वह कुछ खास वीडियोज की सीरीज, सोशल मीडिया पर जागरूकता फैलाने वाली चीजें, कहानियां और कविताएं पेश करेंगे।
अभियान के इस पूरे कार्यक्रम में अलग-अलग मुद्दों पर चीजों की रचना की गई है। नैतिक शिक्षा से भरी एनिमेशन सीरीज 'कोरोना की अदालत' और 'हास्य कवि पोटलीवाला' के साथ वह कोरोना के प्रति लोगों की सोच बदलने की कोशिश करेंगे। साथ ही इसके अलावा वह समाज में औरतों के लिए बढ़ती समस्याओं को 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' और 'सेक्स की अदालत' जैसी सीरीजों के साथ सबके सामने रखेंगे। एनजीओ के साथ मिलकर फिरोज ने इन सीरीजों का निर्देशन और रचना खुद ही की है। अपनी इन सभी कहानियों के जरिए फिरोज लोगों को कुछ मुद्दों पर अपनी सोच बदलने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं।