मशहूर फिल्म एडिटर वामन भोसले का निधन हो गया है। सोमवार यानी 26 अप्रैल को उन्होंने लंबी बीमारी के बाद मुंबई में गोरेगांव स्थित अपने घर में तड़के 4:00 बजे आखिरी सांस ली। वे 89 साल के थे।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1969 में राज खोसला की फिल्म 'दो रास्ते' से की थी। उन्होंने हिंदी सिनेमा के कई सुपरहिट फिल्मों जैसे मेरा गांव मेरा देश, इंतेक़ाम, इनकार, मौसम, आंधी, दोस्ती, कर्ज, हीरो, सौदागर और गुलाम आदि को एडिट किया है। वह 2002 में काम से सेवानिवृत्त हुए। वामन को 1977 में रिलीज हुई फिल्म 'इनकार' के लिए सर्वश्रेष्ठ एडिटर के राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया था।
एडिटर वामन भोसले के निधन की खबर के बाद बॉलीवुड के डायरेक्टर सुभाष घई ने संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने लिखा, 'एक जीनियस फिल्म एडिटर जिसने मेरी पहली फिल्म कालीचरण से लेकर खलनायक तक सभी को एडिट किया। मुझे प्रभावित किया शिक्षक की तरह और मेरी फिल्म ताल को एडिट किया।'
बता दें कि वामन भोसले ने सुभाष घई की 'कालीचरण', 'हीरो', 'कर्ज', 'राम लखन', 'त्रिमूर्ति' और 'खलनायक' जैसी तमाम फिल्मों की भी एडिटिंग की थी और एक एडिटर के तौर पर वामन-गुरू की जोड़ी सुभाष घई की चहेती जोड़ी थी।