अब इस बहस में एक नया नाम जुड़ गया है। वो नाम है टाइगर श्रॉफ की मॉम यानी कि आएशा श्रॉफ का। दरअसल आएशा श्रॉफ ने नेपोटिज्म का सपोर्ट किया है। दरअसल हुआ कुछ यूं कि 'रॉकस्टार', 'जब वी मेट', 'हाइवे' और 'तमाशा' जैसी फिल्में निर्देशित कर चुके इम्तियाज अली ने हाल ही में 'लैला मजनू' के लिए एकता कपूर से हाथ मिलाया है। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया।
फिल्म का फर्स्ट लुक शेयर करते हुए एकता ने लिखा था- 'प्रोमो दो घंटे में आने वाला है। समय की सीमाओं से परे मासूम प्यार की इस कहानी पर बनी फिल्म की झलक जरूर देखिए, जिस पर व्यावसायिकता हावी नहीं हुई है। जिसे सर्वश्रेष्ठ इम्तियाज अली ने बनाया है और बतौर लीड रोल दो नए चेहरों को इस फिल्म में मौका मिला है। जिनके पीछे कोई फिल्मी विरासत या स्टार पिता या गॉडफादर नहीं है।'
फिर क्या था टाइगर की मॉम ने इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिख दिया- ''एकता स्टार पिता होना कोई पाप नहीं है। कड़ी मेहनत और हुनर तो सभी को दिखाना पड़ता है, चाहे कोई जाति, समुदाय या वंश हो। फिर क्या था आएशा के इस कमेंट पर जवाब देते हुए एकता ने लिखा- ''यह सही नहीं है मैम। मेरे पास एक है लेकिन आपको यह बात तो माननी पड़ेगी कि निर्माता के लिए वो फिल्म बेचना आसान होता है, जिससे कोई वंश का नाम जुड़ा होता है। यह किसी स्टार किड को नीचा दिखाने के लिए नहीं है, कम से कम टाइगर के लिए तो नहीं, क्योंकि वो बेहद शानदार हैं। बस एक प्रार्थना है कि दूसरे बच्चों को भी मौका दिया जाना चाहिए।''
बता दें इससे पहले भी एकता ने एक चौंकाने वाला बयान दिया था- एकता ने कहा था कि उनके पास राजनेताओं समेत कई प्रभावशाली लोगों के कॉल्स आते हैं और वे रिश्तेदारों को काम देने की सिफारिश करते हैं। इस पर एकता ने साफ-साफ कहा कि वे ऐसे किसी को भी काम नहीं देती। उनका मानना है कि अगर उनमें प्रतिभा है तो ऑडिशन देने सामने आएं और काम करें। लेकिन इस तरह से परेशान करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।