Drishyam 1 and 2 Recap: अजय देवगन की अपकमिंग फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इससे पहले याद कर लीजिए कि पिछले दो पार्ट्स में विजय ने कैसे पुलिस को चकमा दिया था और अब तक स्टोरी कैसी रही।
साल 2015 में अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ ने दर्शकों को एक ऐसी कहानी दिखाई, जिसमें रोमांच के साथ-साथ परिवार को बचाने की जद्दोजहद भी देखने को मिली। फिल्म में विजय सालगांवकर के किरदार ने अपनी समझदारी से पुलिस को ऐसा चकमा दिया कि हर कोई हैरान रह गया। इसके बाद साल 2022 में फिल्म का दूसरा पार्ट ‘दृश्यम 2’ आया, जिसमें विजय की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गईं।
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अब करीब 9 साल बाद ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ के साथ यह कहानी अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंचने वाली है। ऐसे में अगर आपको पहली दोनों फिल्मों की कहानी ठीक से याद नहीं है, तो आइए एक बार फिर जान लेते हैं कि विजय सालगांवकर और उसके परिवार के साथ आखिर क्या हुआ था।
‘दृश्यम 1’ में क्या हुआ था?
पहली फिल्म की कहानी गोवा में रहने वाले विजय सालगांवकर और उसके परिवार की है। विजय एक केबल ऑपरेटर है और अपनी पत्नी नंदिनी और दो बेटियों के साथ एक नॉर्मल जिंदगी जी रहा है। उसकी बड़ी बेटी अंजू से गलती से पुलिस अधिकारी मीरा देशमुख के बेटे सैम की मौत हो जाती है।
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इसके बाद विजय अपनी बेटी और परिवार को बचाने का फैसला करता है। वह पुलिस से बचने के लिए एक ऐसी कहानी तैयार करता है, जिसे सच साबित करना आसान हो। विजय सैम की लाश को ठिकाने लगाकर उसे बन रहे नए पुलिस स्टेशन के नीचे दफना देता है।
दृश्यम
- फोटो : सोशल मीडिया
विजय ने पुलिस को कैसे दिया चकमा?
विजय ने अपने परिवार के साथ मिलकर 2 अक्टूबर का एक फर्जी अलिबाई तैयार किया। उसने परिवार को इस तरह तैयार किया कि सभी लोग पुलिस के सामने एक ही कहानी बताएं।
विजय ने दावा किया कि वह और उसका परिवार 2 अक्टूबर को पणजी गए थे। वहां उन्होंने सत्संग में हिस्सा लिया, फिर पाव भाजी खाई, फिल्म देखी और एक होटल में रुके। अगले दिन यानी 3 अक्टूबर को वे वापस घर लौटे।
इस पूरी कहानी को मजबूत बनाने के लिए विजय ने होटल और दूसरी जगहों से जुड़े बिल और दूसरी चीजें भी तैयार कर ली थीं। परिवार के सभी सदस्यों को कहानी अच्छी तरह याद कराई गई थी, ताकि पूछताछ के दौरान किसी के बयान में अंतर न आए।
फिल्म 'दृश्यम 2' 2022
- फोटो : सोशल मीडिया
‘दृश्यम 2’ में क्या हुआ?
पहली फिल्म की कहानी के करीब सात साल बाद ‘दृश्यम 2’ की कहानी शुरू होती है। विजय और उसका परिवार सोचता है कि अब सबकुछ ठीक हो चुका है, लेकिन उनकी जिंदगी में एक बार फिर मुसीबत दस्तक देती है।
इस बार विजय के सामने आईजी तरुण आहलावत के रूप में नई चुनौती आती है। अक्षय खन्ना ने इस किरदार को निभाया है। तरुण क्रिमिनल साइकोलॉजी को अच्छी तरह समझता है और विजय के खिलाफ एक-एक करके सबूत जुटाने की कोशिश करता है।
विजय को अंदाजा हो जाता है कि भविष्य में अगर सैम की लाश मिल गई तो उसके परिवार की मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं। इसलिए वह पहले से ही एक प्लान तैयार करके रखता है।
दृश्यम 3
- फोटो : एक्स
ड्रग डीलर ने बढ़ाई विजय की मुश्किल
इस बीच एक ड्रग डीलर की एंट्री होती है, जो पूरे मामले को मुश्किल बना देता है। उसके पास ऐसी जानकारी होती है, जो विजय के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।
लेकिन विजय ने इस स्थिति के लिए भी तैयारी कर रखी थी। वह सैम के अवशेषों को बदलने में कामयाब हो जाता है और डीएनए टेस्ट के दौरान पुलिस को ऐसा सबूत नहीं मिल पाता, जिससे यह साबित हो सके कि बरामद अवशेष सैम के ही हैं।
सबूतों की कमी के कारण पुलिस का केस कमजोर पड़ जाता है और विजय एक बार फिर बच निकलता है।
अब ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ में विजय की कहानी किस मोड़ पर पहुंचेगी और क्या इस बार भी वह अपने परिवार को पुलिस से बचा पाएगा, यह फिल्म की रिलीज के बाद ही पता चलेगा।