दिव्या दत्ता अपनी मां के साथ (फाइल फोटो)
- फोटो : इंस्टाग्राम@divyadutta25
जब मां का सामना आतंकवादियों से हुआ
उस दाैर में दिव्या दत्ता की मां का सामना आतंकवादियों से भी हुआ था। एक्ट्रेस ने बताया,
‘मां एक ट्रेनिंग के लिए लुधियाना से चंडीगढ़ जा रही थीं। कर्फ्यू का माहौल था। मां की जीप पंचर हो गई तो उन्हाेंने लिफ्ट मांगी। एक गाड़ी सामने ठहरी। मां ने अंदर झांका तो उसमें चार से पांच आदमी बैठे थे। मां ने उनसे पूछा कि वो उन्हें आगे तक छोड़ देंगे? उन लोगों ने एक-दूसरे को देखा और फिर कुछ देर बाद मां को अपनी कार में बैठा लिया।'
तब लगा मेरी मां बहुत हिम्मत वाली हैं
दिव्या ने आगे बताया,
'रास्ते में मां ने उनसे बात करने की कोशिश की पर वो कुछ बोले नहीं। मां काे भी थोड़ा अजीब लगा कि ऐसे कर्फ्यू के माहौल में ये लोग कहां जा रहे हैं। खैर उन्होंने मां को वहां छोड़ा जहां उन्हें जाना था और चले गए। मां अस्पताल पहुंचीं तो कुछ ही घंटों बाद जो हुआ, वो दिल दहला देने वाला था।
उनके अस्पताल में पांच लोगों के शव आए और ये उन्हीं के थे जिन्होंने मां को लिफ्ट दी थी। वो आतंकवादी थे जो मां को ड्रॉप करने के कुछ ही देर बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। जब हमने यह बात जानी तो दिल ने यही कहा कि मां को कुछ नहीं होना चाहिए, वो मेरी दुनिया हैं, लेकिन यह भी पता चला कि वो कितनी हिम्मती औरत थीं।’
शाहरुख की कही बात याद आती है
आज भले ही दिव्या दत्ता ने अपने माता-पिता को खो दिया है लेकिन उनकी यादें और आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है। बातचीत के दौरान उन्होंने शाहरुख खान की कही गई एक बात का भी जिक्र किया। दिव्या बोलीं, ‘एक बार शाहरुख ने मुझसे कहा था कि जब हम अपने मां-पापा जल्दी खो देते हैं तो जिंदगी में पहले ही बहुत कुछ सीख लेते हैं। लेकिन उनका आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहता है।’