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Exclusive: आतंकवादियों के साथ कार में थीं मां, फिर हुई दिल दहला देने वाली घटना; दिव्या दत्ता ने सुनाया किस्सा

Thu, 16 Apr 2026 07:30 AM IST
Poonam Kandari एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Divya Dutta Exclusive Interview: दिव्या दत्ता ने बड़े पर्दे पर ऐसे कई किरदार निभाए जो कई अदाकाराएं शायद ही निभा पाएं। हिम्मती होने का यह गुण उन्हें अपनी मां से मिला। जब पंजाब आतंकवाद की आग में जल रहा था, तब दिव्या दत्ता की मां का सामना भी कुछ आतंकियों से हुआ था? उस कभी ना भूल पाने वाले किस्से को दिव्या दत्ता ने हाल ही में अमर उजाला के साथ साझा किया।
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दिव्या दत्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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‘मां एक ट्रेनिंग के लिए लुधियाना से चंडीगढ़ जा रही थीं। कर्फ्यू का माहौल था। मां की जीप पंचर हो गई तो उन्हाेंने लिफ्ट मांगी। एक गाड़ी सामने ठहरी। मां ने पूछा आगे तक छोड़ देंगे? उन लोगों ने एक-दूसरे को देखा और मां को अपनी कार में बैठा लिया।'

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बरसों पहले जब पंजाब आतंकवाद की आग में जल रहा था तब दिव्या दत्ता की मां के साथ एक डरावनी घटना घटी थी। इसी घटना बात का जिक्र दिव्या दत्ता ने अमर उजाला से हुई हालिया बातचीत में किया। 

आवाज होती थी तो दिल दहल जाता था 
बातचीत के दौरान दिव्या ने पंजाब के उस दौर को याद किया, जब वहां आतंकी घटना हो रही थीं। वह कहती हैं, ‘वो दिन बहुत ही मुश्किल भरे थे। मां की सरकारी नौकरी थी और उन्हें पेपर साइन करने पड़ते थे। मां का काम नीचे वाले फ्लोर पर होता था और हम ऊपर रहते थे। मैं उस वक्त दस बार हर दरवाजे और खिड़की को चेक करती थी। कोई भी आवाज होती थी तो दिल दहल जाता था।
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एक दिन कुछ लोग आए, उन्होंने कहा कि मैडम पेपर साइन करने हैं। मैं मां के दुपट्टे के पीछे छिपकर देख रही थी, उस वक्त सोचा कि आगे आ जाऊं। लेकिन उन लोगों ने कुछ नहीं कहा, बस काम होने पर चले गए।'


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दिव्या दत्ता अपनी मां के साथ (फाइल फोटो) - फोटो : इंस्टाग्राम@divyadutta25
जब मां का सामना आतंकवादियों से हुआ 
उस दाैर में दिव्या दत्ता की मां का सामना आतंकवादियों से भी हुआ था। एक्ट्रेस ने बताया, ‘मां एक ट्रेनिंग के लिए लुधियाना से चंडीगढ़ जा रही थीं। कर्फ्यू का माहौल था। मां की जीप पंचर हो गई तो उन्हाेंने लिफ्ट मांगी। एक गाड़ी सामने ठहरी। मां ने अंदर झांका तो उसमें चार से पांच आदमी बैठे थे। मां ने उनसे पूछा कि वो उन्हें आगे तक छोड़ देंगे? उन लोगों ने एक-दूसरे को देखा और फिर कुछ देर बाद मां को अपनी कार में बैठा लिया।'

तब लगा मेरी मां बहुत हिम्मत वाली हैं
दिव्या ने आगे बताया, 'रास्ते में मां ने उनसे बात करने की कोशिश की पर वो कुछ बोले नहीं। मां काे भी थोड़ा अजीब लगा कि ऐसे कर्फ्यू के माहौल में ये लोग कहां जा रहे हैं। खैर उन्होंने मां को वहां छोड़ा जहां उन्हें जाना था और चले गए। मां अस्पताल पहुंचीं तो कुछ ही घंटों बाद जो हुआ, वो दिल दहला देने वाला था।
उनके अस्पताल में पांच लोगों के शव आए और ये उन्हीं के थे जिन्होंने मां को लिफ्ट दी थी। वो आतंकवादी थे जो मां को ड्रॉप करने के कुछ ही देर बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। जब हमने यह बात जानी तो दिल ने यही कहा कि मां को कुछ नहीं होना चाहिए, वो मेरी दुनिया हैं, लेकिन यह भी पता चला कि वो कितनी हिम्मती औरत थीं।’ 




शाहरुख की कही बात याद आती है
आज भले ही दिव्या दत्ता ने अपने माता-पिता को खो दिया है लेकिन उनकी यादें और आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है। बातचीत के दौरान उन्होंने शाहरुख खान की कही गई एक बात का भी जिक्र किया। दिव्या बोलीं, ‘एक बार शाहरुख ने मुझसे कहा था कि जब हम अपने मां-पापा जल्दी खो देते हैं तो जिंदगी में पहले ही बहुत कुछ सीख लेते हैं। लेकिन उनका आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहता है।’ 
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