प्रेस कॉन्फ्रेंस में की थी अपमानजनक टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे, न्यायमूर्ति ए एस चंदुरकर, न्यायमूर्ति एम एस सोनक, न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति ए एस गडकरी की एक बड़ी पीठ ने कहा कि 1 अप्रैल को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीलेश ओझा द्वारा मौजूदा हाईकोर्ट जज और बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ की गई टिप्पणी निंदनीय और अपमानजनक थी।
जज के खिलाफ लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप
1 अप्रैल को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सतीश सालियान के वकील नीलेश ओझा ने हाईकोर्ट के मौजूदा जज के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, जिनके समक्ष याचिका 2 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी। हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल को कहा कि याचिका न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की अध्यक्षता वाली पीठ के कार्यभार से संबंधित है और हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को मामले को उस पीठ के समक्ष रखने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया।
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क्या है पूरा मामला
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान जून 2020 में मृत पाई गई थीं। पिछले महीने सतीश सालियान ने अपनी बेटी की रहस्यमय परिस्थितियों में नए सिरे से जांच की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्होंने कहा कि याचिका में हाईकोर्ट से शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और जांच को सीबीआई को सौंपने का आदेश देने का आग्रह किया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दिशा सालियान के साथ क्रूरतापूर्वक बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई और बाद में कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने के लिए राजनीतिक रूप से साजिश रची गई।