राजेश खन्ना संपत्ति विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनकी पत्नी डिंपल कपाडिया, अभिनेता अक्षय कुमार सहित परिवार के बाकी सदस्यों को राहत दी। इस आदेश के बाद उन्हें 4 दिसंबर को अपना पक्ष रखने के लिए बांद्रा कोर्ट में पेश नहीं होना पड़ेगा। बांद्रा कोर्ट ने अनीता की याजिका पर सुनवाई करते हुए अक्षय कुमार सहित पूरे खन्ना परिवार को अपना पक्ष रखने के लिए हाईकोर्ट में आने के लिए कहा था।
बांद्रा कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में खुद को राजेश खन्ना की बीवी बताने वाली अनीता आडवाणी ने खन्ना परिवार पर उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था। अनीता ने कहा था कि 1985 के बाद से वह राजेश खन्ना के साथ रही हैं। उनकी बुरी हालत में उन्होंने राजेश खन्ना की देखभाल की है। कोर्ट ने उनकी बात के आधार पर अक्षय कुमार सहित पूरे खन्ना परिवार को 4 दिसंबर को अपना पक्ष के लिए कहा था।
अक्षय कुमार और डिंपल कपाड़िया ने बांद्रा कोर्ट के इसी आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को इस पर अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने कहा है कि खन्ना परिवार को 4 दिसंबर को कोर्ट में पेश होने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने की बात कही है। कोर्ट में दाखिल याचिका में डिंपल कपाड़िया ने कहा था कि, अनीता राजेश खन्ना की केवल दोस्त थीं। वह सिर्फ अपनी दोस्ती का लाभ उठा रहीं हैं।
डिंपल ने कहा कि राजेश खन्ना की जिंदगी में मेरे सिवा कोई भी महिला नहीं रही है। उनकी जिंदगी में किसी दूसरी औरत का सवाल ही नहीं उठता। अपना फैसला सुनाते हाईकोर्ट ने अनीता आडवाणी की शिकायत पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने शिकायत में अपना नाम अनीत रोड्रिग्स लिखा है। इसका मतलब है कि उनका किसी रोड्रिग्स नाम के शख्स के साथ विवाह हुआ है। इसलिए राजेश खन्ना के साथ उनके लिवइन रिलेशन की बात और मुआवजा देने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।
राजेश खन्ना की करीबी होने का दावा करने वाली अनीता आडवाणी ने आरोप लगाए है कि राजेश खन्ना की मौत के बाद जब वो बंगले आशीर्वाद में पहुंची तो राजेश खन्ना के दामाद अक्षय और उनकी बेटियों ने उन्हें धक्का देकर आशीर्वाद से बाहर निकाल दिया। बाद में अनीता ने बाकायदा बांद्रा कोर्ट में डिंपल, ट्विंकल, अक्षय और रिंकी के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस दर्ज करा दिया।