कल ‘धुरंधर 2’ ने सिनेमाघरों में कदम रखा और पहले ही दिन सबसे ज्यादा कलेक्शन करने वाली फिल्म बन गई। इस फिल्म को लेकर रिलीज से पहले ही अलग तरह का बज बना हुआ था लेकिन कुछ दर्शकों, फैंस को इसमें कमियां भी नजर आईं। जानिए, कहां और किन मामलों में चूकी ‘धुरंधर 2’।
फिल्म ‘धुरंधर’ के बाद फैंस को ‘धुरंधर 2’ से काफी उम्मीद थी। लेकिन यह उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। एक यूजर ने फिल्म को लेकर लिखा, ‘एक सिनेमा प्रेमी के तौर पर मैं पार्ट 2 से बहुत ज्यादा उम्मीदें लेकर गया था। लेकिन यह उन उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। फिल्म बेवजह खिंची हुई लगती है। वह जबरदस्त कहानी कहने का अंदाज, जिसने पहले हिस्से को इतना कामयाब बनाया था, यहां नदारद है। यह पूरी तरह से बुरी तो नहीं है, लेकिन इसने जो वादा किया था, उसके मुकाबले यह यकीनन निराश करने वाली फिल्म है।’ इसी तरह की शिकायत कई लोगों को फिल्म से है, ‘धुरंधर 2’ का रन टाइम लगभग चार घंटे था, जो कि कई लोगों के लिए काफी ज्यादा था। इतनी देर बैठकर फिल्म देखना कई लोगों के लिए मुश्किल हो गया।
एक अन्य यूजर ने लिखा, 'थोड़ी धीमी शुरुआत, ज्यादा हिंसा और थोड़ी ज्यादा ही पॉलिटिक्स। लेकिन बिना किसी गलती के डायरेक्टेड और जबरदस्त एक्टिंग वाली फिल्म है। इसे जरूर देख सकते हैं।'
किसी ने खोखली फिल्म तक कह दिया
कुछ लोगों को 'धुरंधर 2' लंबी और वॉयलेंस से भरी फिल्म लगी लेकिन इसे फिर भी वह दिखने की बात कहते हैं। लेकिन कुछ दर्शकों ने इसे खोखली फिल्म कह दिया। एक यूजर ने ट्वीट पर कमेंट करते हुए लिखा, 'अभी-अभी यह फिल्म देखी। यह बहुत शोरगुल वाली और खोखली फिल्म है। इसमें कहानी से ज्यादा शोर है, बहुत ज्यादा हिंसा है। गालियों से भरी हुई और एक खींचे हुए प्रोपेगैंडा नैरेटिव पर बेस्ड है। रणवीर सिंह भी हमजा के तौर पर दर्शकों को प्रभावित करने में नाकाम रहे।' ट्वीट में आगे लिखा है, 'बस भारत-पाकिस्तान के बीच टकराव का एक ही घिसा-पिटा एंगल है, न कोई अच्छा संगीत है, और न ही कोई भावनात्मक या देशभक्ति से जुड़ाव है। आप यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि आदित्य धर आखिर क्या करना चाह रहे थे? कहानी सुनाना या फिर बस टकराव का फायदा उठाना। यह एक हिंसक, दिशाहीन, और भुला देने लायक फिल्म है।'
एक अन्य यूजर ने भी फिल्म को डिजास्टर बताया है। ट्वीट करते हुए यूजर ने लिखा, 'मैंने अभी धुरंधर 2 देखी। यह बहुत निराशाजनक थी। हाइप के बावजूद फिल्म बहुत लंबी, बोरिंग है और देखने में थकाने वाली लगती है। पहला पार्ट अच्छा था, लेकिन सीक्वल उसके बराबर नहीं है। एक बार देखने लायक भी नहीं है। यह डिजास्टर है।'