जय-वीरू यानी कि अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र दोनों एक-दूसरे का बहुत आदर-सम्मान करते हैं। दोनों मुंबई के जुहू इलाके में पड़ोसी भी हैं। बच्चन परिवार जहां अपनी हर समाजसेवा की किसी न किसी बहाने डींगें हांकता रहता है वहीं देओल परिवार की समाजसेवा की चर्चा भी हो, यह न तो धर्मेंद्र चाहते हैं और न ही सनी देओल।
पंजाब से आने वाले न जाने कितने किसानों की धर्मेंद्र मदद कर चुके हैं। लोग तरह-तरह की मदद मांगते रहते हैं । धर्मेंद्र करते रहते हैं, पर कभी इसका ढिंढोरा नहीं पीटते। अपने पापा के इसी नक्शे-कदम पर हैं उनके बेटे सनी देओल।
दुबई में शुरू हुए क्रिकेट के नए फॉर्मेट टी-10 के लिए सनी ने तन मन धन से योगदान किया है, लेकिन उनकी समाजसेवा का कोई पहलू सामने नहीं आया । साथ ही मुंबई में आवारा कुत्तों के लिए हुई एडॉप्टथॉन के दौरान सनी देओल निरीह जानवरों के साथ किसी भी तरह की बेरहमी के सख्त खिलाफ हैं ।
जब भी मौका मिलता है वह उनके लिए कुछ न कुछ करते रहते हैं। खुद भी कुत्ते पालने के शौकीन सनी चाहते हैं कि घरों से राह भटक गए कुत्तों को खोजने की तकनीक के लिए हर कुत्ते की जीपीआरएस टैगिंग करवाई जाए ।