एआई द्वारा तैयार तस्वीरें भी शामिल
आनंद ने बताया कि सामग्री में यौन रूप से आपत्तिजनक सामग्री, फर्जी खबरें और अर्जुन से जुड़े पोर्नोग्राफिक प्रेजेंटेशन शामिल हैं। इनमें से कई एआई द्वारा तैयार की गई तस्वीरें शामिल हैं। इनमें अर्जुन को जानवरों के साथ मिलाकर दिखाया गया है और यहां तक कि गोलगप्पे बेचते हुए भी दिखाया गया है।
उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह की तस्वीरें और कंटेंट स्वीकार करने वाला नहीं है। उन्होंने जुबिन नौटियाल, विवेक ओबेरॉय और आचार्य बालकृष्णन से जुड़े मामलों में इसी तरह के अदालती आदेशों का भी हवाला दिया।
कोर्ट जल्द पारित करेगा विस्तृत आदेश
हालांकि, अदालत ने कहा कि किसी सार्वजनिक हस्ती से जुड़े मामले को पूरी तरह से हटाया नहीं जा सकता। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को ऐसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, मानहानिकारक या अपमानजनक सामग्री पर कार्रवाई की जा सकती है।
अदालत ने आगे कहा कि आम आदमी व्यक्तित्व अधिकारों के लिए अदालत में नहीं आता। यह देखते हुए कि सार्वजनिक हस्तियों की अधिक गहन जांच की जाती है। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि वह जल्द ही एक विस्तृत अंतरिम आदेश पारित करेगी।