दिल्ली की एक अदालत ने अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को उनका वर्क वीजा रिन्यू कराने के लिए 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (एनओसी) दिया है। इससे पहले जून में, अदालत ने 200 करोड़ रुपये के मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में उन पर, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और 15 अन्य लोगों पर आरोप तय किए थे।
जैकलीन फर्नांडिस
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क्या बोले जज?
6 अक्तूबर के एक आदेश में, एडिशनल सेशन जज गगनदीप सिंह की अदालत ने कहा कि अभिनेत्री श्रीलंका की नागरिक हैं और 2009 से भारत में एम्प्लॉयमेंट वीजा पर रह रही हैं, जिसकी मियाद खत्म हो गई थी। फर्नांडिस की अर्जी पर गौर करते हुए अदालत ने कहा कि वह 'एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं और भारत में उनके कई प्रोफेशनल कमिटमेंट्स हैं'। इस मामले में चल रही सुनवाई में शामिल होने के लिए उनकी मौजूदगी जरूरी है।
जैकलीन फर्नांडिस
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अभिनेत्री ने वीजा जारी कराने की कोशिश की
अदालत ने यह भी नोट किया कि अभिनेत्री ने 20 फरवरी, 2025 को श्रीलंकाई वाणिज्य दूतावास से दोबारा वीजा जारी करवाने के लिए उनका पासपोर्ट रिलीज किया था। जज ने कहा, 'आरोपी या आवेदक के वकील ने यह भी कहा है कि फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) अदालत से एनओसी के बिना वर्क वीजा रिन्यू नहीं कर रहा है।'
जैकलीन फर्नांडिस
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अदालत ने दी इजाजत
अर्जी का निपटारा करते हुए जज ने कहा, 'इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, आवेदक/आरोपी जैकलीन फर्नांडिस को संबंधित अधिकारियों के पास कानून के अनुसार अपने वीजा के रिन्यूअल के लिए आवेदन करने के लिए एनओसी दी जाती है। संबंधित अधिकारी कानून, नियमों, सर्कुलर और लागू उप-नियमों के अनुसार स्वतंत्र रूप से इस पर विचार करेंगे।'