श्री 420 फिल्म आई पसंद
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने श्री 420 देखी थी, वे बच्ची थीं। इस फिल्म की कहानी और किरदारों का उनके जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ा। दीप्ति ने कहा कि वे राज कपूर के साथ काम करना चाहती थीं लेकिन इसका उनको कभी मौका नहीं मिला। दीप्ति ने यह भी बताया कि राज कपूर एक बार उनके जन्मदिन में भी शामिल हुए थे। इस समारोह के लिए वे दीप्ति नवल के घर गए थे, जहां उनके पिता जी भी मौजूद थे।
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अंतिम समय में मौजूद थी दीप्ति
दीप्ति ने कहा कि वे आखिरी बार राज कपूर से उनकी अंतिम यात्रा पर मिलीं। जब उन्हें पता चला कि राज कपूर नहीं थे, वे तुरंत वहां से निकल गईं। उनकी अंतिम यात्रा में मैं अकेली महिला थी। महिलाओं को श्मशान में जाने की अनुमति नहीं थी, ऐसे में मैं अकेली वहां राज जी से मिलने गई थी। दीप्ति नवल को उनके प्रंशसक कथा, साथ साथ, चश्मे बद्दू जैसी फिल्मों से जानते हैं।