इस पूरे मामले के कानूनी पक्ष पर प्रकाश डालते हुए राकेश भारती के वकील अशोक सरोवगी ने बताया कि इस याचिका की पहली सुनवाई हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने 27 दिसंबर को की थी और अब इसकी अगली सुनवाई 7 जनवरी को होगी। उन्होंने आगे कहा, 'इस मामले में हमारी दो मांग हैं। पहली, राकेश भारती को बिना श्रेय दिए फिल्म को रिलीज ना होने दिया जाए। दूसरी इस अपराध में शामिल लोगों को सजा मिले।' सरोवगी के अनुसार इस मामले में जब एफआईआर लिखाए जाने की कोशिश की गई तो बड़े प्रोडक्शन हाउस और ताकतवर लोगों के शामिल होने की वजह से पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया। इस मामले की एक सुनवाई 7 जनवरी को हाईकोर्ट में होगी तो वहीं आपराधिक मामले में सुनवाई 9 जनवरी को बोरीवली कोर्ट में होगी।
वहीं फिल्मकार राकेश भारती ने कहा, 'यह लड़ाई उनके लिए पैसे की नहीं है। बल्कि हक की है। हर बार लेखकों का हक छीना जाता है। मेरी छपाक से जुड़े गुलजार साहब से भी अपील है कि वह लेखक के तौर पर इस लड़ाई में साथ दें और मुझे इंसाफ दिलाए।' राकेश की याचिका के अनुसार साल 2015 में उन्होंने इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन में इसका रजिस्ट्रेशन कराया था। शुरुआती दौर में उन्होंने फिल्म का नाम 'ब्लैक डे' सोचा था। पिछले चार सालों से वह इस स्क्रिप्ट पर काम कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई कलाकारों कंगना रनौत, प्रियंका चोपड़ा, ऐश्वर्या राय के अलावा फॉक्स स्टार स्टूडियोज को भी फिल्म की कहानी सुनाई। भारती के मुताबिक कुछ कारणों से उनके इस प्रोजेक्ट में देरी हुई। लेकिन फिर जब उन्हें पता चला कि मेघना गुलजार और फॉक्स स्टार स्टूडियोज उनके आइडिया पर ही फिल्म बना रहे हैं तो उन्होंने इसकी शिकायत निर्माताओं से की। हालांकि कोई भी जवाब ना मिलता देख उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
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